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जयवंत पुरष और स्त्रियाँ
जैसे कि हम एक नया साल शुरू करते हैं, संसार के लिए परमेश्वर के पुरुषों और स्त्रियों को देखना अनिवार्य है । अंधकार मानव जाति को घेरता हुआ प्रतीत होता है। इसलिए जो पुरुष और स्त्रियाँ परमेश्वर के यंत्र बनेंगे वे तेज और चमकदार रौशनियाँ बनेंगे । इसलिए हम परमेश्वर के पुरुषों और स्त्रियों के जीवन को देख रहे हैं।
पौलुस ने तीमुथियुस को लिखा, “धन का लोभ हर तरह की बुराई की जड़ है। कुछ लोग, पैसे के लिए उत्सुक होकर, विश्वास से भटक गए हैं और कई दुखों के साथ स्वंय को छेद चुके हैं। लेकिन आप परमेश्वर के जन हैं इससे भागें, और धार्मिकता, भलाई, विश्वास, प्रेम, धीरज और सज्जनता का पीछा करें ”(1 तीमुथियुस 6:10, 11) | हालाँकि, तीमुथियुस बहुत छोटा था, पौलुस ने उसे “परमेश्वर का जन” कहा। उम्र परमेश्वर का पुरुष या स्त्री बनने के लिए मापदंड नहीं है। इसकी चाबी तो परमेश्वर को हृदय से खोजना, उसके साथ विनम्रतापूर्वक चलना है, और खोए हुए और नाश हो रहे संसार के साथ अपने महान प्रेम को साझा करना है।
पौलुस ने परमेश्वर के जन के लिए कई मापदंडों का उल्लेख किया। पहले वह तीमुथियुस से कहता है कि वह अपना ध्यान मुख्य बात पर रखे। विचलित न हों। “मुख्य बातों को मुख्य बात ही रखें ।” पैसा या भौतिकसम्पत्ति आपका ध्यान ना विचलित करे | । पौलुस जानता था कि कई लोगों ने अपना दृष्टिकोण खो दिया है – और परिणामस्वरूप उन्होंने हृदय वेदना और दुःख पाया है । भौतिक सम्पत्ति के लिए एक लालच है जो घातक हो सकता है। अच्छी चीजें रखने में कोई बुराई नहीं है; परमेश्वर ने उन्हें हमारे आनंद के लिए बनाया है। लेकिन जब हम अपनी जरूरतों के लिए परमेश्वर के प्रावधान के रूप में देखने के बजाय उन चीजों से प्रेम करने लगते हैं, तो हम स्वंय को फिसलन भरे रास्ते पर ले जाते हैं।
हमारा उद्देश्य पहले मसीह और उसकी धार्मिकता की तलाश करना होना चाहिए। परमेश्वर के पुरुष या स्त्री के चरित्र की छह विशेषताएं हैं। हमें धार्मिकता का अनुसरण करने की आवश्यकता है: अर्थात परमेश्वर के साथ एक सही सम्बन्ध । हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज परमेश्वर के साथ एक सही रिश्ते में रहना होना चाहिए। उन चीज़ों का पीछा करें जो परमेश्वर के साथ आपके रिश्ते को नष्ट करने के बजाय बढ़ाने वाले हों । जब आप ऐसा करते हैं, आप स्वंय को विजयी पाएंगे।
मसीह की समानता का पीछा करें । मसीह के समान बनने को अपने जीवन का लक्ष्य बनाएं । उसे ही अपने ध्यान का केंद्र बनने दें । इससे दुःख नहीं होगा, ऐसा लक्ष्य आनंद और विजय की ओर जाता है। लेकिन यह एक असंभव काम है। आप एक दिन यह तय कर सकते हैं कि आप मसीह की तरह और अधिक होने जा रहे हैं, और अचानक, आप एक शक्तिशाली, विजयी मसीही बन जाते हैं। यह आपकी क्षमता के अंदर नहीं है। आपको विश्वास से जीना, चलना और सांस लेना चाहिए। आपको मसीह पर भरोसा करना चाहिए कि वह आपको ऐसा व्यक्ति बनाएगा जो उसके चरित्र को प्रकट करता हो ।
धार्मिकता और भलाई में बढ़ने के अलावा, आपको विश्वास का भी अनुगमन करना चाहिए। लेकिन आप ऐसा कैसे करेंगे ? बाइबल कहती है कि विश्वास मसीह के वचन को सुनकर आता है। परमेश्वर के वचन पर भरोसा करके अपना विश्वास बढ़ाएँ। फिर विश्वास आपके अंदर से ताजे पानी के झरने के समान बह निकलेगा।
फिर प्रेम और सौम्यता को अपने विश्वास में जोड़ें। मैंने जाना कि परमेश्वर की खोज में दो प्रकार के मसीही हैं। एक जिनको मैं भविष्यवक्ता कहता हूं; दूसरा वे जो दया करते हैं । भविष्यवक्ता धार्मिकता, विश्वास, और भलाई का पालन करते हैं। दया करने वाले प्रेम और सौम्यता का पीछा करते हैं । लेकिन पौलुस ने एक या दूसरे का पीछा करने के लिए नहीं कहा। उसने दोनों को आगे बढ़ाने के लिए कहा। हमारी पवित्रता के मानक के साथ, हमें एक प्रेमपूर्ण, दयालु और कोमल भावना का पीछा करना चाहिए। हमें उन लोगों से प्रेम करना चाहिए जो हमसे घृणा करते हैं, उन लोगों की चिंता करनी है जिन्हें हमारी ज़रूरत है, और हमारे आस-पास के लोगों के साथ जो गिर चुके हैं कोमल रहना है । हमें अनुग्रह और दया के लोग बनना चाहिए।
परमेश्वर का पुरुष या महिला वह होगा जो अंत तक मसीह और उसकी धार्मिकता का पीछा करता है। वह सब झेल लेगा। कई एक धमाके के साथ शुरू होते हैं और मूर्त बनके समाप्त हो जाते हैं। लेकिन परमेश्वर का पुरुष या स्त्री अपनी दौड़ पूरी कर लेगी। वह अपनी आँखें समापन रेखा पर तय करता है, जहाँ मसीह उसकी प्रतीक्षा करता है। वह स्प्रिंट (तेज़) नहीं दौड़ता । वह एक मैराथन दौड़ रहा है इसीलिए इब्रानियों के लेखक ने कहा, “हमारे विश्वास के कर्ता और सिद्धक की ओर देखते ।” मैं इस वर्ष आपको मसीह पर अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। वही विजयी मसीही जीवन की शुरुआत और अंत है। यीशु को देखो – और एक विजयी पुरुष या स्त्री बनो।
1 तीमुथियुस 6:10-16
10 क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है॥11 पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।12 विश्वास की अच्छी कुश्ती लड़; और उस अनन्त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया, गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्छा अंगीकार किया था।13 मैं तुझे परमेश्वर को जो सब को जीवित रखता है, और मसीह यीशु को गवाह कर के जिस ने पुन्तियुस पीलातुस के साम्हने अच्छा अंगीकार किया, यह आज्ञा देता हूं,14 कि तू हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रगट होने तक इस आज्ञा को निष्कलंक और निर्दोष रख।15 जिसे वह ठीक समयों में दिखाएगा, जो परमधन्य और अद्वैत अधिपति और राजाओं का राजा, और प्रभुओं का प्रभु है।16 और अमरता केवल उसी की है, और वह अगम्य ज्योति में रहता है, और न उसे किसी मनुष्य ने देखा, और न कभी देख सकता है: उस की प्रतिष्ठा और राज्य युगानुयुग रहेगा। आमीन॥।
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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