शिष्यता का दैनिक वीडियो
रूप रेखा
प्रार्थना और जाग्रती
२ इतिहास ७:१४
सैमी: प्रार्थना पर बात करने का समय बहुत ही अच्छा रहा है। और जैसे हमने बात की थी, प्रार्थना क्या है? कैसे प्रार्थना करनी है? इसका सार क्या है? इसमें कुछ रुकावटें क्या है ? यीशु ने हमें प्रार्थना करना कैसे सिखाया है? यह बहुत ही अनोखा समय रहा है, मैं अपनी आखिरी समय को समाप्त करना चाहता हूं, डेव मैं बात करना चाहता हूं, कि जागृति में प्रार्थना की क्या भूमिका है? क्योंकि जब हम प्रार्थना करते हैं, तो मैं सोचता हूं कई बार लोग सोचते हैं, ठीक है! प्रार्थना यह क्या करती है? मेरा अर्थ है, मैं तो छोटा सा व्यक्ति हूँ।
डेव : यह सही है
सैमी: परंतु एक छोटा सा व्यक्ति परमेश्वर के लिए बड़े महान कार्य कर सकता है। और वह असाधारण कामों को होते हुए देख सकता है।
डेव : बिलकुल
सैमी: जब मैं कहता हूं, जाग्रति तो मेरा अर्थ है कि परमेश्वर के साथ एक मौसम आता है, और परमेश्वर लोगों को मिलता है और वह लोगों को मिलता है, उस की महिमा लोगों के हृदय में, चर्चों में, समाज में, राष्ट्रों में प्रकट होती है। इसकी क्या भूमिका है? बहुत सारी राष्ट्रीय इतिहासिक जागृति और सामाजिक जागृति हुई है। प्रार्थना की क्या भूमिका है? प्रार्थना का जाग्रति के साथ क्या संबंध है? आए हम इस सेशन में इसके विषय में बात करते हैं।
डेव: ठीक है यह बहुत ही महत्वपूर्ण है मैं हमेशा जागृति की परिभाषा देता हूं पर जा परमेश्वर कलीसिया में दिखता है।
सैमी: हाँ
डेव: जब हम उसकी उपस्थिति का अनुभव करते हैं। इस रीति से जिस तरह हमने पहले विश्वास किया था। परंतु अब यह हमारे लिए वास्तविक हो गया है। रोचक बात यह है कि मैं नहीं समझता कि किसी ने इसके विषय में सुना है अथवा पढ़ा है और प्रार्थना की लहर शुरू होने से पहले जागृति कभी नहीं आती है।
सैमी: ठीक
डेव: यह पुराने नियम की ओर पीछे जाता है। पुराने नियम में इसराइल में सात जाग्रती आई थी। और उनमें से प्रत्येक की शुरुआत प्रार्थना के साथ हुई थी। और कलीसिया के इतिहास में 2000 वर्षों में ऐसी कोई भी जाग्रती नहीं हुई है, जहां पर परमेश्वर ने लोगों को पहले प्रार्थना करने के लिए नहीं हिलाया। जब आप इसकी ओर देखते हैं, तो मैं सोचता हूं कि इसके पीछे बहुत से कारण है मैं नहीं सोचता कि यह एक के पीछे आती है। इस वास्तविकता को देखें, प्रार्थना नमृता का कार्य है यह परमेश्वर के सामने आकर कहना है, प्रभु हम अपने द्वारा यह नहीं कर सकते हैं। हम पराजित हो गए हैं।
सैमी: हम यह नहीं कर सकते हैं।
डेव: मैं अभी अपने चारों ओर के संसार की और देखता हूं। मैं यह कहता हूं, परमेश्वर हम में से सबसे अच्छे फेल हो गए हैं । हमें आप की आवश्यकता है। हमें आवश्यकता है कि आप आ जाएं। हमें आप की आवश्यकता है और आप ही यह कर सकते हैं । इसलिए प्रार्थना हमें परमेश्वर से प्राप्त करने वाले स्थान पर रख देती है। यह नम्रता की आवश्यकता है। और इसी के साथ यहां पर पश्चाताप का भी स्थान है।
सैमी: हम ने अंगीकार के विषय में पहले बात की थी। यह सही है।
डेव: हमने बात की थी। पश्चाताप और अंगीकार। और इस पद का हम अक्सर इस्तेमाल करते हैं। मैं जानता हूं कि यह एक नए नियम की आयत नहीं है। और यह पुराने नियम के इसराइल के ऊपर लागू होती है। परंतु यह सिद्धांत परमेश्वर के लोगों के ऊपर लागू होता है । यह कहता है, यदि मेरे लोग जो मेरे नाम से पुकारे जाते हैं, अपने आप को नम्र कर के प्रार्थना करने के द्वारा, मेरे चेहरे को ढूंढने और अपने दुष्ट मार्गों से फिरे, यहां पर काफीकुछ है। यह सब कुछ प्रार्थना के साथ जुड़ा हुआ है।
सैमी: सही
डेव: “यदि तुम यह करो, अर्थात प्रार्थना का कार्य, तो फिर मैं आऊंगा, और मैं वह करूंगा जो सिर्फ मैं ही कर सकता हूं । परंतु आपको वह करना चाहिए जो आप कर सकते हैं , और मैं वह करूंगा जो मैं कर सकता हूं।” मैं विश्वास करता हूं इस सिद्धांत ने हजारों वर्षों से प्रभाव डाला है। और यह आज भी प्रभाव डाल रहा है यदि हम एक और जागृति देखना चाहते हैं तो मैं विश्वास करता हूं जैसे आप करते हैं, कि एक और महान जागृति होने वाली है।
सैमी: हाँ
डेव: यह लोगों का एक साथ होना है। परमेश्वर के लोगों में जाग्रती परमेश्वर के आत्मा की शक्ति और मसीह कौन है? इस का ताज़ा द्र्श्न यह है कि यह आता है। क्योंकि हमारे पास ऐसे लोग हैं जिन्होंने प्रार्थना को सही स्थान पर रखा है, अंगीकार, पसचताप, और रोना और परमेश्वर के आगे प्रार्थना करना और उस को खोजना और उस को कहना कि वह आए और और वह करे जो मात्र वही कर सकता है।
सैमी: आप ग़लत नहीं दिखना नहीं चाहते, परंतु हम वह नहीं करते वह इसका हिस्सा हो सकता है। ईरान देश में लाखों लोग है, वह इस समय यह देख रहे हैं। रोमेनीआ के लोग इसे देख रहे हैं। परमेश्वर आपके ह्रदय के साथ इस समय बात कर रहा है, “मैं चाहता हूँ कि आप प्रार्थना के व्यक्ति बने। ऐसे लोगों ने कभी कल्पना नहीं की थी कि वह प्रार्थना करना शुरू कर सकते हैं।
डेव: यह सही है।
सैमी: जो हम जहां लोगों को बुला रहे हैं, वह महान जागृति का हिस्सा बन सकते हैं। जो हो रही हैं। जो मैंने देखा है कि परमेश्वर ने लोगों के ह्रदय को हिलाना शुरू कर दिया है, कि वह प्रार्थना करें। लोग कहना शुरु कर रहे हैं, हमें एक साथ होकर प्रार्थना करने की आवश्यकता है। हमें अकेले होकर प्रार्थना करने की आवश्यकता है। इन सेशन में हम यह ही कह रहे हैं। वह कह रहे हैं कि हमें परमेश्वर को ढूंढने की आवश्यकता है । जब परमेश्वर यहां चलना शुरु कर देता है तो वह अपने लोगों के हृदय को हिलाता है। और हम उसके साथ मिलने की चाहत रखते हैं। उस स्थान को ढूंढते हैं और अपने मार्गों से मुड़ते हैं।
इसलिए एक रीति से यह कैसा हो सकता है जो लोगों इस ऐप के द्वारा इसे सुन रहे हैं। मैं जानता हूं कि परमेश्वर आपके अपने कमरे में कुछ कर रहा है । आपके घर में उस स्थान पर , जहां पर आप इस वीडियो को देख रहे हैं, परमेश्वर आपके हृदय को प्रार्थना के लिए हिला रहा है।
डेव: आप जानते हैं जो लोग देख रहे हैं उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है जो सुन रहे हैं, कि वह समझे के यह उनके विषय में नहीं है फिर भी परमेश्वर आपके बिना यह नहीं करेगा।
सैमी: हाँ यह बहुत ही अदुभत विचार है।
डेव: यह बहुत ही अदुभत है। परमेश्वर आपकी प्रार्थनाओं का इंतजार कर रहा है, और मैं इस सच्चाई को सामने से बोल नहीं पाता फिर भी हम अपने आप को देखते हैं और कहते हैं, मैं तो मात्र एक व्यक्ति हूँ, मेरा छोटा सा परिवार है अथवा हम इस गांव के हैं अथवा हम यह कह रहे हैं और संसार में हम सब कुछ कैसे बदल सकते हैं ? फिर से आप नहीं। आप संसार को बदल नहीं सकते हैं।
जो आप कर रहे हैं वह यह है, कि परमेश्वर ने आप को क्या वरदान दिया है ? एक साधारण रीति से नम्रता के साथ, आप क्या कर रहे हैं, जो परमेश्वर ने आप को वरदान दिया है । यह साधारण रीति से नमृता के साथ आते हुए कहना, प्रभु हमें आप की आवश्यकता है । मुझे आप की आवश्यकता है । मुझे जागृति की आवश्यकता है। मेरे परिवार को जागृति की आवश्यकता है। हमारे चर्च को जागते की आवश्यकता है । हमारे संसार को जाग्रती की आवश्यकता है । प्रभु हम इसे अपने कैलेंडर में नहीं रख सकते हैं । हमारे पास इतने पैसे नहीं कि हम वहां जा सके। हमें तो वही करने की आवश्यकता है , जो हम कर सकते हैं और वह है प्रार्थना।
सैमी: एक बात जो बहुत ही उत्तेजना भरी है, वह यह है: कि परमेश्वर किसी का पक्षपात नहीं करता है। वचन कहता है कि छोटी शुरुआत को तुच्छ मत जानो। बहुत सी जागृति छोटे स्थानों से शुरू हुईं हैं। छोटे गांव से, छोटे स्थानों से और कई बार यह बहुत ही आम स्थानों से शुरु हुई है। और वहां से शुरू होकर वह पूरे संसार में फैल गयी और इसीलिए यह परमेश्वर के लिए महत्वपूर्ण है, और आप परमेश्वर के साथ::::: मरियम के विषय में सोचें, वह इसराइल के छोटे से कस्बे की एक यह साधारण सी लड़की थी, और वह कुछ भी नहीं थी और परमेश्वर ने कहा, मैं तुझे इस्तेमाल करना चाहता हूं । मैं प्रार्थना जागृति और जागृति के जन्म में विश्वास करता हूं। परमेश्वर नम्र लोगों के पास आता है।
डेव: क्या यह उचित नहीं है क्या आपने मरियम के उदहारण को इस्तेमाल किया। वह गलील में एक जवान स्त्री थी। जब यह चल रहा था तो वहां दो और लोग थे, अन्ना और समौन। वह बुजुर्ग थे और वह परमेश्वर के मंदिर में रात दिन दुहाई देते थे। परमेश्वर ने एक जवान लड़की को और इन बुजुर्ग लोगों को इस्तेमाल किया और एक साथ उनकी प्रार्थनाएं मसीह के लिए ऊपर गई और आप यह सोचेंगे, परमेश्वर उन लोगों की प्रार्थना के द्वारा क्या कर सकता है जो इसे देख रहे हैं सुन रहे हैं कुछ विशेष होता है जब हम प्रार्थना करते हैं।
सैमी: मैं आप को उत्साहित करना चाहता हूं, मैं आपको बताना चाहता हूं मेरी आंखों ने परमेश्वर की महिमा को देखा है। एक देश में जहां पर एक पास्टर था, उसने अपने लोगों को प्रार्थना करना सिखाया और उसने इस विधि से प्रार्थना की जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। उसने प्रार्थना की कि एक दिन वह सुसमाचार का प्रचार रेडीओ, टेलीविजन और स्टेडियमों में करेंगे और लोगों ने कहा, यह असंभव है क्योंकि हम सताए जाते हैं।
परमेश्वर ने इसे पूरा किया। लोगों के समूह ने प्रार्थना करनी शुरु की और जागृति का एक धमाका हुआ । और अब यह एक दिन में नहीं हो गया, यह 1 वर्ष में नहीं हो गया, यह दस वर्ष में नहीं हुआ , इसमें बहुत सी प्रार्थना लगी। परंतु यह हुआ परमेश्वर की महिमा आई । आप आशा न छोड़े। आप आशा न खोए। प्रार्थना करते रहें कि परमेश्वर की उपस्थिति राज्य और यीशु मसीह की सामर्थ आप को भर दे। और यह आपके घर और आपकेह्रदय और आपके देश को भर दे।
एज़्रा 9:1-9
1जब ये काम हो चुके, तब हाकिम मेरे पास आकर कहने लगे, न तो इस्राएली लोग, न याजक, न लेवीय इस ओर के देशों के लोगों से अलग हुए; वरन उनके से, अर्थात कनानियों, हित्तियों, परिज्जियों, यबूसियों, अम्मोनियों, मोआबियों, मिस्रियों और एमोरियों के से घिनौने काम करते हैं।
2क्योंकि उन्होंने उनकी बेटियों में से अपने और अपने बेटों के लिये स्त्रियां कर ली हैं; और पवित्र वंश इस ओर के देशों के लोगों में मिल गया है। वरन हाकिम और सरदार इस विश्वासघात में मुख्य हुए हैं।
3यह बात सुन कर मैं ने अपने वस्त्र और बागे को फाड़ा, और अपने सिर और दाढ़ी के बाल नोचे, और विस्मित हो कर बैठा रहा।
4तब जितने लोग इस्राएल के परमेश्वर के वचन सुनकर बन्धुआई से आए हुए लोगों के विश्वासघात के कारण थरथराते थे, सब मेरे पास इकट्ठे हुए, और मैं सांझ की भेंट के समय तक विस्मित हो कर बैठा रहा।
5परन्तु सांझ की भेंट के समय मैं वस्त्र और बागा फाड़े हुए उपवास की दशा में उठा, फिर घुटनों के बल झुका, और अपने हाथ अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फैला कर कहा,
6हे मेरे परमेश्वर! मुझे तेरी ओर अपना मुंह उठाते लाज आती है, और हे मेरे परमेश्वर! मेरा मुंह काला है; क्योंकि हम लोगों के अधर्म के काम हमारे सिर पर बढ़ गए हैं, और हमारा दोष बढ़ते बढ़ते आकाश तक पहुंचा है
7अपने पुरखाओं के दिनों से ले कर आज के दिन तक हम बड़े दोषी हैं, और अपने अधर्म के कामों के कारण हम अपने राजाओं और याजकों समेत देश देश के राजाओं के हाथ में किए गए कि तलवार, बन्धुआई, लूटे जाने, और मुंह काला हो जाने की विपत्तियों में पड़ें जैसे कि आज हमारी दशा है।
8और अब थोड़े दिन से हमारे परमेश्वर यहोवा का अनुग्रह हम पर हुआ है, कि हम में से कोई कोई बच निकले, और हम को उसके पवित्र स्थान में एक खूंटी मिले, और हमारा परमेश्वर हमारी आंखों में जयोति आने दे, और दासत्व में हम को कुछ विश्रान्ति मिले।
9हम दास तो हैं ही, परन्तु हमारे दासत्व में हमारे परमेश्वर ने हम को नहीं छोड़ दिया, वरन फारस के राजाओं को हम पर ऐसे कृपालु किया, कि हम नया जीवन पाकर अपने परमेश्वर के भवन को उठाने, और इसके खंडहरों को सुधारने पाए, और हमें यहूदा और यरूशलेम में आड़ मिली।
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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