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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

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घमण्ड : पवित्रता के लिए रुकावट

जीवन में पवित्रता हर विश्वासी के लिए लक्ष्य होना चाहिए. पवित्रता तो केवल मसीह की समानता मे आना है. कई शतकों से ये विजयी मसीही लोगों की विषेशता रही है. बिशप जे सी. रायले अपनी किताब में लिखते हैं, १८ वी सदी के विश्वासी अगुवे, ये महान अगुवे जो भुतकाल की महान जागृति के समय अगुवे थे, वे पवित्र स्त्रि और पुरुष थे. दुसरे जैसे ही उन में गलतीयां और कुछ धब्बे जरुर थे, लेकिन उन में मसीह जैसे होने की दिली तमन्ना थी. वो उसे नज़दिकी से जानना चलते थे.

कोई भी जो मसीह जैसे होना चाहता है उसमे नम्रता का दिल होता है. नम्रता और पवित्रता एक साथ एक रास्ते पर चलती हैं. जो दिल पवित्रता के पिछे हर तरह से चलना चाहता है उसमे घमण्ड के लिए कोई जगह नही होती है. पवित्रता परमेश्वर की ओर देखती है जब कि घमण्ड खुद की ओर देखता है. पवित्रता का सिद्ध चित्र को मसीह है. घमण्ड का सिद्ध चित्र तो लूसीफर है. पवित्रता तो मसीह जैसे होने की इच्छा है. घमण्ड तो दूसरों जैसे होने की इच्छा है. पवित्रता चरित्र मे नम्रता दर्शाती है. घमण्ड बेकार की बातों के बारे मे कहता है और उसमें कोई चरित्र नही रहता है.

घमण्ड का दिल रखते हुए पवित्रता में चलना असंभव है. अहंकार और घमण्ड पवित्र दिल के लिए रुकावट है. जब हम समझते हैं कि पवित्र दिल क्या है, तो ये देखना संभव है कि पवित्रता और घमण्ड का एक ही दिल मे वास करना असंभव है. पवित्रता तो विश्वासी के जीवन में परमेश्वर का भीतरी काम है ताकि वो मसीह जैसे हो. वो परमेश्वर के रुप मे अनंतकाल तक अस्तित्व रखता है. फिर भी यीशु का असली स्वभाव मानवता का था. यीशु, जो परमेश्वर का पुत्र और मनुष्य का पुत्र था, उसका विवरण केवक पूरी नम्रता के द्वारा ही दिया जा सकता है. इसलिए मसीह के जैसे होते हुए उसी समय घमण्ड करना असंभव है.

बाइबल कहती है कि,”परमेश्वर घमण्डीयों का विरोध करता है और नम्र पर अनुग्रह करता है.” अगर परमेश्वर घमण्डीयों का विरोध करता है तो फिर पवित्र होते हुए घमण्ड करना असंभव है. कई बार हम अपने घमण्ड को अलग कपडे पहनाते हैं. हम गलत तरह से सोचते हैं कि किसी तरह का घमण्ड ठीक है. कुछ भी हो नीतिवचन की किताब कहते है कि परमेश्वर घमण्ड का विरोध करता है. इससे कोई फर्क नही पडता है चाहे वो धार्मिक घमण्ड, आत्मिक घमण्ड, वंश का घमण्ड या पीढी का घमण्ड हो. हर तरह के घमण्ड की जड दूसरे लोगों के साथ तुलना करने में ही होती है. लेकिन पवित्रता केवल यीशु की ओर देखती है. इसलिए हम घमण्डी होकर पवित्र नही हो सकते हैं. घमण्ड सच मे पवित्रता की क्रिया मे रुकावट डालता है.

अकसर घमण्ड ही सारे पाप की जड होता है. कई मौके पर जब मैने खुद को अपने पापों का अंगिकार करते हुए पाया और प्रभु से मेरे दिल को खोजने के लिए कहा, मैने पाया कि किसी पाप की जड तो घमण्ड है जो मेरे जीवन को बीमार कर रहा था. प्रभु ने मुझे गिरने दिया ताकि मेरे दिल मे क्या है उसे दिखा सकें. संसार की बुराई के लिए घमण्ड ही सबसे मुख्य बात है. लूसीफर घमण्डी हुआ था इसलिए उसे स्वर्ग से फेंक दिया गया. आदम और हव्वा को वाटिका से निकाल दिया गया क्योंकि वो घमण्डी हुए थे. जब हम खुद को घमण्डी होने देते हैं तो हम खुद को पवित्रता के महामार्ग से निकाल दिए जाने के लिए दे देते हैं.

मै आपको प्रोत्साहित करता हूं कि आप कुछ पल लेकर वही प्रार्थना करें जो भजनकार ने की थी, “हे प्रभु, मेरे दिल को खोज, और देख कि क्या मेरे दिल में कोई दुष्टता है.” प्रभु से कहें कि वो छिपे हुए घमण्ड के हर बीज को प्रकट करे जो शायद छिपकर बैठा हो. उससे मांगे कि वो आपको स्वार्थ के जीवन से आज़ाद करें. एक टुटा दिल और भग्न आत्मा प्रभु तुच्छ नही जानता है. वो नम्र दिल देखना चाहता है. उसने वो दिल पवित्रता के मार्ग मे रखा है.

याकूब 4: 1-8

1तुम में लड़ाइयां और झगड़े कहां से आ गए? क्या उन सुख-विलासों से नहीं जो तुम्हारे अंगों में लड़ते-भिड़ते हैं? 2तुम लालसा रखते हो, और तुम्हें मिलता नहीं; तुम हत्या और डाह करते हो, ओर कुछ प्राप्त नहीं कर सकते; तुम झगड़ते और लड़ते हो; तुम्हें इसलिये नहीं मिलता, कि मांगते नहीं। 3तुम मांगते हो और पाते नहीं, इसलिये कि बुरी इच्छा से मांगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो। 4हे व्यभिचारिणयों, क्या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्रता करनी परमेश्वर से बैर करना है सो जो कोई संसार का मित्र होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है। 5क्या तुम यह समझते हो, कि पवित्र शास्त्र व्यर्थ कहता है जिस आत्मा को उस ने हमारे भीतर बसाया है, क्या वह ऐसी लालसा करता है, जिस का प्रतिफल डाह हो? 6वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है। 7इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा। 8परमेश्वर के निकट आओ, तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा: हे पापियों, अपने हाथ शुद्ध करो; और हे दुचित्ते लोगों अपने हृदय को पवित्र करो।

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

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