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प्रार्थना क्या है
१ यूहन्ना ४:८
सैमी टिप्त : मैं आपका स्वागत इस पाठ में करना चाहता हूं जहां पर हम प्रार्थना के विषय में, प्रार्थना की सामर्थ के विषय में, और प्रार्थना क्या है और आप कैसे प्रार्थना कर सकते हैं, इसके विषय में बात करने जा रहे हैं । परमेश्वर एक प्रार्थना करने वाले व्यक्ति के द्वारा संसार के उन लोगों से अधिकतर काम कर सकता है, जो वस्तुओं को अपनी सामर्थ्य और अपनी शक्ति के द्वारा करने की कोशिश करते हैं। प्रार्थना एक बहुत बड़ा जोखिम का कार्य है जो कि आपके जीवन में आप कर सकते हैं। और हम यह चाहते हैं कि आप इस जोखिम भरे काम में हमारे साथ जुड़ जाएं। और इसीलिए मैंने अपने मित्र को जहां बुलाया है डेव बटस हार्वेस्ट मिनिस्ट्री के अध्यक्ष है और वह अमेरिका प्रार्थना कमेटी के चेयरमैन भी हैं। परंतु मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप मेरे मित्र है। और आप मेरे मित्र होने की वजह से मेरे लिए एक चुनौती रहे हैं। विशेष रीति से प्रार्थना के क्षेत्र में, और आपने मुझे प्रार्थना का व्यक्ति बनने की चुनौती दी है। मैं बहुत ही उत्तेजित हूं कि मैं आपके साथ वार्तालाप कर रहा हूं । और मैं यह जानता हूं कि यहां पर हर कोई जो बैठा है, वह इस बातचीत का आनंद लेने जा रहा है। डेव मैं बुनियादी बातों से शुरू करना चाहता हूं ठीक है?
डेव बटस : बिलकुल
सैमी: मुझे बताएं प्रार्थना क्या है? मेरा अर्थ है कि पूरे संसार के लोग प्रार्थना करते हैं, प्रत्येक धर्म के लोग, चर्च के लोग , हिंदू, मुस्लिम, सब तरह के लोग प्रार्थना करते हैं। संसार में हर एक व्यक्ति प्रार्थना कर रहा है। परंतु प्रार्थना क्या है?
डेव: एक तरह से सोचने पर मुझे कहना पड़ेगा कि यह बहुत अच्छा प्रश्न है। हर बार जब मैं इसके विषय में सोचता हूं, कि मैंने इसे अपनी बाहों में से ले लिया है , तो मैं थोड़ा इससे बचना चाहता हूं। हर कोई एक स्तर अथवा दूसरे स्तर के ऊपर प्रार्थना करता है । बहुत से तरीके हैं जिसके द्वारा लोग प्रार्थना करते हैं । अंततः हम इसे साधारण शब्दों में परिभाषित करके कहे , तो प्रार्थना परमेश्वर के साथ वार्तालाप करना है। परंतु मैं सोचता हूं हमें थोड़ा आगे जाना चाहिए। क्योंकि सभी प्रार्थनाएं, प्रार्थना नहीं है । इनमें से बहुत सी प्रार्थना तो धार्मिक सोच है।
सैमी: हाँ
डेव: इसमें से बहुत तो किसी से कुछ लेने की कोशिश करना है। मेरी एक पसंदीदा परिभाषा है, और परिचय के लिए आपका धंयवाद करता हूं । परंतु मैं भी एक यात्रा में हूं। और आप की तरह मुझे अभी लंबी यात्रा करनी है। परंतु मेरे जीवन में जिस परिभाषा ने मेरी सहायता की है कि मैं प्रार्थना को समझ सकूं , वह है कि प्रार्थना मेरे जीवन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रेम सबंध की बातचीत का हिस्सा है।
सैमी: वाउ
डेव:यह पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के साथ रिश्ता है। यह एक सबंध है। यह ना सिर्फ एक सबंध है, यह बातचीत का हिस्सा है यह प्रेम का सबंध है और मैं बहुत लोगों के साथ सबंध में हो सकता हूं परंतु वह हमेशा प्रेम सबंध नहीं होते हैं।
सैमी: ठीक
डेव: परंतु यह प्रतेक जन के साथ हर बात में अलग है।
सैमी: हां यह वार्तालाप और बातचीत है, सच्चे प्रेम संबंधों में और कम से कम मैं अपने और अपनी पत्नी के साथ मेरे संबंध के विषय में जानता हूं, इन में बातचीत का होना बहुत ही आवश्यक है और ऐसे ही हम संबंधों में बढ़ते हैं और यह संबंधों को बढ़ाता है।
डेव: बिलकुल
सैमी: अब जब बहुत भिन्न जगहों पर और भिन्न पृष्ठभूमि के लोगों के पास जा रहा है। धार्मिक प्रार्थना जो हम बात कर रहे हैं और प्रार्थना जो परमेश्वर के साथ प्रेम सबंध से निकलती है इस में क्या अंतर है?
डेव: सत्य
सैमी: यहां क्या अंतर है?
डेव: मैं यह कहूंगा के धार्मिक प्रार्थना किसी भी धर्म की प्रार्थना हो सकती है और उसमें मसीही धर्म भी हो सकता है।
सैमी: ठीक है
डेव: धार्मिक प्रार्थना धर्म से बाहर निकलती है। इसका अर्थ है कि बुनियादी स्तर पर मनुष्य परमेश्वर के साथ सबंध जोड़ने की कोशिश कर रहा है। बहुत तरीकों के द्वारा। और वह परमेश्वर को अपने स्तर के ऊपर लाने की कोशिश कर रहा है। परंतु जिस तरह की प्रार्थना के विषय में हम बात कर रहे हैं वह धार्मिक नहीं है। वह धर्म के विषय में नहीं है । यह संबंध के विषय में हैं। यह एक परमेश्वर के विषय में है जो एक प्रेम सबंध को शुरू करता है। यह परमेश्वर है जिसने हम से पहले प्रेम किया है और वही इस रिश्ते को चाहता है। और वह है जो सच में यह चाहता है और मैं बार बार इस सच्चाई की वजह से अपने घुटनों पर आया हूं कि परमेश्वर मेरे साथ मेरे से कहीं अधिक समय व्यतीत करना चाहता है।
सैमी: ठीक है
डेव: यह इस तरह नहीं है कि मैं परमेश्वर को कुछ दिखाना चाहता हूं। अथवा मैं शक्तियों को धोखा देना चाहता हूं, अथवा अपने आप को ऊपर ले कर जाना चाहता हूं। परंतु इसकी जगह पर यह परमेश्वर है जो मुझे अद्भुत रीति से प्रेम करता है और उसका पतिउत्तर यह है और उसे आप ले लें और वह आपके साथ समय व्यतीत करना चाहता है।
सैमी: हां आपको पता है मैं यीशु को जानने से पहले कई वर्षों तक धार्मिक रीति से प्रार्थना करता रहा इससे पहले कि वह मेरे जीवन में आकर वास्तविकता बन गया।
डेव: निसंदेह
सैमी: मैं धार्मिक व्यक्ति था। परंतु एक बात जिसे मैं देखा करता था, वह थी कि मैं हमेशा पीछे रह जाता था। कभी भी मेरे पास सनातन शांति नहीं थी। या तो मैं भीतर होता या बाहर होता था और यह एक तरीके से बादलों के द्वारा गिरी हुई प्रार्थना थी। “ठीक है मैं इस टेस्ट में फेल हो गया हूं, मेरे माता पिता की सहायता करें, वह मुझे समझ सके कि मैं क्यों फेल हुआ और मुझे इस परेशानी से निकाल दें” और फिर मैंने यीशु को जाना और मैंने जब उसे जाना, एक नया आयाम था। मेरा अर्थ है कि मेरा जीवन बदल गया, क्योंकि अब मैं बोलने के लिए (मेरे कामों की वजह से यह नहीं था परंतु यह परमेश्वर के अनुग्रह की वजह से था) मुझे पवित्र परमेश्वर ने स्वीकार कर लिया और मैं सोचता हूं यह मेरे लिए एक बात है जो मेरे जीवन में एक बड़ा अंतर धार्मिक प्रार्थना में और मसीह के ऊपर विश्वास करने के द्वारा परमेश्वर के साथ मेरे रिश्ते के द्वारा प्रार्थना करने में आया।
डेव: बिलकुल
सैमी: यह परमेश्वर के अनुग्रह से था और हम इस के योग्य नहीं थे।
डेव: नहीं
सैमी: मेरा अर्थ है, यह मात्र उसका प्रेम है और इसीलिए हम उसकी उपस्थिति में आ सकते हैं । पवित्र परमेश्वर की उपस्थिति में क्योंकि वह हमें प्रेम करता है और यह हमारे पास है।
डेव: और हमें यह स्मरण करना पड़ेगा कि यह परमेश्वर है जिसने यह शुरू किया है । परमेश्वर यह चाहता है और यह बदलता है हमारे प्रार्थना के जीवन को कि कैसे हम प्रार्थना करते हैं । आपकी परमेश्वर के प्रति समझ कि वह कौन है आपके प्रार्थना के ढंग को बदल देगी। और यदि आपका यह विचार है कि परमेश्वर एक सेंटा क्लॉस है जो देख रहा है कि कैसे आपको वह कुछ चीजें दे सकता है और यदि आप उन्हें सही रीति से मांगते हैं, तो वहां कोई पश्चाताप नहीं होगा वहां कोई पवित्रता नहीं होगी और यह सब बातें नहीं होगी।
या फिर आपका कोई और परमेश्वर है जो कंजूस परमेश्वर है। हर वक्त क्रोध में रहता है, हमेशा न्याय करता है और आपको कोई न कोई रास्ता ढूंढना पड़ता है जिसके द्वारा आप उसे खुश कर सके और आप उसकी उपस्थिति में आसानी से आ सके। और यह आपके ऊपर निर्भर करते हुए। और हमारे पास तरीके हैं और शायद आपका परमेश्वर स्टारवॉर्ज़ का कोई देवता है अथवा कोई शक्ति है यह कोई व्यक्ति है जिसे आप भ्रम में डाल कर कर इस्तेमाल कर सकते हैं।
परमेश्वर कौन है और आपकी जो परमेश्वर के विषय में समझ है, वह आपके प्रार्थना के ढंग को बदल देगी और यही कारण है, मैं बाइबल के परमेश्वर से प्रेम करता हूं। जो प्रेम से आपकी और और मेरी और आता है, जो हमारे साथ प्रेम संबंध बनाना चाहता है। और जो मुझे अनुमति देता है कि मैं उसके साथ वार्तालाप वाला सबँध बना सकूं।
सैमी: आप जानते हैं कि धर्म शास्त्र में एक आयत है, “परमेश्वर प्रेम है” मेरा अर्थ है यह परमेश्वर का सार है। वह हम से प्रेम करता है। वह पवित्र है। वह बिल्कुल शुद्ध है और वह प्रेम है। वह हमसे इतना प्रेम करता है कि उसने प्रभु यीशु को हमारी जगह के ऊपर हमारा दंड लेने के लिए भेज दिया। मैं बहुत से लोगों को जानता हूं जो प्रार्थना करते हैं परंतु वह क्रोधित लोग हैं।
डेव: यह सही है।
सैमी: एक कारण है कि वह जो कुछ भी करते हैं, उसमें वह परमेश्वर तो बहुत ही क्रोध में देखते हैं । और वह प्रार्थना करते हैं और वह किसी ना किसी तरह से परमेश्वर को प्रसन्न करने की कोशिश कर रहे हैं। परंतु यीशु ने परमेश्वर के क्रोध को शांत कर दिया है जब वह क्रुस के ऊपर मर गया और उसकी वजह से आज हमारा परमेश्वर के साथ सबंध है। और मैं सोचता हूं जो बात आप कर रहे हैं वास्तव में वह बहुत ही गहरी बात की और आप हमें लेकर जा रहे हैं । क्योंकि जब लोग इस तरह से देखते हैं कि परमेश्वर प्रेम करता है और वह बात करते हैं विश्वास में बढ़ने की। मेरा अर्थ है यह एक अलग ही बात हो जाती है यदि आप यह सोचते हैं कि परमेश्वर हर वक्त आपके ऊपर क्रोधित है, और इसकी बजाय आप उसे देखते हैं कि वह आपको प्रेम करता है और आप उसे ऐसे देखते हैं।
डेव: आप इसे व्यक्तिगत स्तर पर रख सकते हैं । आप महसूस करते हैं, कुछ रिश्ते हैं जिनके बीच में से मैं गया हूं , और मैंने देखा कि वह लोग वास्तव में मेरे साथ बातचीत नहीं करना चाहते थे। और मैं भी उनकी बातचीत में ज्यादा समय व्यतीत नहीं करना चाहता था । मैं बता सकता हूं कि वह रुचि लेते हैं या नहीं। मैं ऐसी परिस्थितियों में भी रहा हूं जहां मैं कह सकता हूं वह प्रश्न पूछ रहे थे वह मुझे अपनी ओर खींच रहे थे और मैं बता सकता हूं कि वह मेरे साथ रहना चाहते थे और यह हमारा परमेश्वर है।
सैमी: आमीन! मैं प्रतेक जन को जो सुन रहा है उत्साहित करना चाहता हूं कि परमेश्वर आपको प्रेम करता है । प्रार्थना यह नहीं है कि आप परमेश्वर को ख़ुश करते हैं या उसके लिए कोई फर्ज पूरा कर रहे हैं परंतु वह आपको प्रेम करता है और वह आपको अपनी उपस्थिति में बुला रहा है कि आप के साथ संबंध बना सके और यही सच्ची प्रार्थना है।
लूक्स ११:१-९
1एक समय येशु किसी स्थान पर प्रार्थना कर रहे थे। प्रार्थना समाप्त होने पर उनके एक शिष्य ने उनसे कहा, “प्रभु! हमें प्रार्थना करना सिखाइए, जैसे योहन ने अपने शिष्यों को सिखाया है।” 2येशु ने शिष्यों से कहा, “जब तुम प्रार्थना करते हो, तब यह कहो :
पिता! तेरा नाम पवित्र माना जाए।
तेरा राज्य आए।
3हमें प्रतिदिन हमारा दैनिक भोजन दिया कर।
4हमारे पाप क्षमा कर,
क्योंकि हम भी अपने सब अपराधियों
को क्षमा करते हैं
और हमें परीक्षा में न डाल।”
5येशु ने उन से यह भी कहा, “मान लो कि तुम में कोई आधी रात को अपने किसी मित्र के पास जा कर कहे, ‘मित्र, मुझे तीन रोटियाँ उधार दो, 6क्योंकि मेरा एक मित्र सफर में मेरे यहाँ पहुँचा है और उसे खिलाने के लिए मेरे पास कुछ भी नहीं है।’ 7और वह घर के भीतर से उत्तर दे, ‘मुझे तंग न करो। अब तो द्वार बन्द हो चुका है। मेरे बाल-बच्चे मेरे साथ बिस्तर पर हैं। मैं उठ कर तुम को कुछ नहीं दे सकता।’ 8मैं तुम से कहता हूँ−वह मित्रता के नाते भले ही उठ कर उसे कुछ न दे, किन्तु उसके लज्जा छोड़कर माँगने के कारण वह उठेगा और उसकी आवश्यकता पूरी करेगा।
9“मैं तुम से कहता हूँ−माँगो तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूँढ़ो तो तुम पाओगे; खटखटाओ तो तुम्हारे लिए खोला जाएगा।
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
सम्पर्क करें: info@sammytippit.org
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