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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

शिष्यता का दैनिक वीडियो

गुप्त बातें

अमेरिका में प्रार्थना की लहर बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। पर क्या तुम सोचते हो कि क्यों आत्मिक और नैतिक वातावरण और भी दूषित होता जा रहा हैं एक कारण हो सकता हैं कि इसका सबंध हमारे दिल की गुप्त बातों से हो। प्रार्थना परमेश्वर के साथ निकटता हैं। प्रार्थना में ज्यादा प्रभावशाली होने के लिये, तुम्हारे और परमेश्वर के निकट सगंति के बीच में कुछ भी खड़ा नहीं होना चाहिए।

सोवियत युनियन के गिरने से कुछ समय पहिले, मैंने युकै्रन के पूरे पांच शहरों में सुसमाचार का प्रचार किया। वहां हम ने हर शहर में बारिश का सामना किया। सारा दिन बारिश होती थी और हम प्रार्थना करते थे। कि परमेश्वर बारिश को रोके। कि लोग स्टैडियम में आकर सुसमाचार का प्रचार सुनें। परमेश्वर बारिश को रोकने के लिए किसी मजबूरी में नहीं था, परन्तु अपनी दया के द्वारा हमारी विनती को स्वीकार किया। हमारी सुसमाचार की सभाए शुरू होने से एक घंटा पहिले, परमेश्वर ने हर शहर में बारिश को रोक दिया। यह बहुत ही खुशी की बात थी। कि हजारों लोंगो ने पहिली बार सुसमाचार सुना।

मैंने इसी समय युके्र्रन और रोमानिया की यात्रा करते हुए सुंदर गलीचे जो बहुत ही सस्ते में लिये। मैंने एक गलीचा युके्रन में और एक रोमानिया में खरीदा। पर जब मैंने रोमानिया से बाहर जाने की कोशिश की, तो बार्डर के सिपाही ने मुझे कहा, कि मैं युके्रन का गलीचा तो बाहर ले जा सकता हंू पर रोमानिया का गलीचा नहीं ले जा सकता। एक मित्र ने कहा, “सैमी हम गलीचे के ऊपर जो टैग लगा हैं उसे हटा सकते हैं और सिपाही को अन्तर का पता नहीं चलेगा। फिर तू युके्रन का गलीचा यहां छोड़कर जा सकता हैं और रोमानिया का गलीचा अपने साथ ले जा सकता हैं।” मुझे यह मानना पड़ेगा कि मैंने यह करने के बारे में सोचा था। उसी समय एक और मित्र बोला, “सैमी मैं सोचता हूँ कि वह ठीक कह रहा हैं। तुम रोमानिया का गलीचा बाहर ले जा सकते हो। पर इसके बाद तू ने परमेश्वर को बंद करने के बारे में कहा तो वह नहीं करेगा।“ उसकी बातों ने मेरे दिल को पकड़ लिया। मैं परमेश्वर के साथ निकटता और उसकी शक्ति को एक पुराने गलीचे के साथ बदलने जा रहा था। यह कितनी बड़ी दुर्घटना होती। शायद इसी लिये परमेश्वर तुम्हारी कुछ प्रार्थनाओं का ऊतर नहीं देता। शायद एक पुराना गलीचा तुम्हारे दिल में छिपा हुआ हैं इस का परमेश्वर के आगे इकरार करो। इससे छुटकारा पाओ। याकूब की पत्री में लिखा हुआ हैं, “धर्मी जन की प्रार्थना बहुत ही ताकतवर और प्रभावशाली होती हैं।”
(याकूब 5-16 )यदि तुम प्रार्थना में सामर्थ को ढूंढ  रहे हो, तो तुम्हें अपने दिल के गुप्त स्थानों को साफ करना होगा।

1 इतिहास 28 :1-10

1और दाऊद ने इस्राएल के सब हाकिमों को अर्थात गोत्रों के हाकिमों और राजा की सेवा टहल करने वाले दलों के हाकिमों को और सहस्रपतियों और शतपतियों और राजा और उसके पुत्रों के पशु आदि सब धन सम्पत्ति के अधिकारियों, सरदारों और वीरों और सब शूरवीरों को यरूशलेम में बुलवाया। 2तब दाऊद राजा खड़ा हो कर कहने लगा, हे मेरे भाइयों! और हे मेरी प्रजा के लोगो! मेरी सुनो, मेरी मनसा तो थी कि यहोवा की वाचा के सन्दूक के लिये और हम लोगों के परमेश्वर के चरणों की पीढ़ी के लिये विश्राम का एक भवन बनाऊं, और मैं ने उसके बनाने की तैयारी की थी।

3परन्तु परमेश्वर ने मुझ से कहा, तू मेरे नाम का भवन बनाने न पाएगा, क्योंकि तू युद्ध करने वाला है और तू ने लोहू बहाया है। 4तौभी इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने मेरे पिता के सारे घराने में से मुझी को चुन लिया, कि इस्राएल का राजा सदा बना रहूं: अर्थात उसने यहूदा को प्रधान होने के लिये और यहूदा के घराने में से मेरे पिता के घराने को चुन लिया और मेरे पिता के पुत्रों में से वह मुझी को सारे इस्राएल का राजा बनाने के लिये प्रसन्न हुआ। 5और मेरे सब पुत्रों में से ( यहोवा ने तो मुझे बहुत पुत्र दिए हैं ) उसने मेरे पुत्र सुलैमान को चुन लिया है, कि वह इस्राएल के ऊपर यहोवा के राज्य की गद्दी पर विराजे। 6और उसने मुझ से कहा, कि तेरा पुत्र सुलैमान ही मेरे भवन और आंगनों को बनाएगा, क्योंकि मैं ने उसको चुन लिया है कि मेरा पुत्र ठहरे, और मैं उसका पिता ठहरूंगा। 7और यदि वह मेरी आज्ञाओं और नियमों के मानने में आज कल की नाईं दृढ़ रहे, तो मैं उसका राज्य सदा स्थिर रखूंगा। 8इसलिये अब इस्राएल के देखते अर्थात यहोवा की मण्डली के देखते, और अपने परमेश्वर के साम्हने, अपने परमेश्वर यहोवा की सब आज्ञाओं को मानो और उन पर ध्यान करते रहो; ताकि तुम इस अच्छे देश के अधिकारी बने रहो, और इसे अपने बाद अपने वंश का सदा का भाग होने के लिये छोड़ जाओ।  9और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। 10अब चौकस रह, यहोवा ने तुझे एक ऐसा भवन बनाने को चुन लिया है, जो पवित्रस्थान ठहरेगा, हियाव बान्धकर इस काम में लग जा।

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

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