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प्रार्थना और सुसमाचार : ऐतिहासिक जागृति में प्रार्थना
तीसरे सप्ताह के दूसरे दिन में मैं आपका बेदारी और सुसमाचार अध्ययन में आपका स्वागत करता हूं |
आज मैं बात करना चाहता हूं कि इतिहासिक जागृति में प्रार्थना की क्या भूमिका है ? परमेश्वर ने कलीसिया और अमेरिका के इतिहास में बहुत कुछ किया है | तीन महान जागृतियां हुई है और इन जागृतियों के पीछे महान प्रार्थनाएं थी | इन में से एक तो असल में प्रार्थना मुहिम थी | इसलिए मैं आपको इन जागृतियों के बारे में बताना चाहता हूं कि कैसे परमेश्वर ने बेदारी भेजी |
पहली बेदारी कुछ समय हुई जब हमारा अमेरिका एक बस्ती ही था | यह हमारे राष्ट्र बनने से पहले था | जॉर्ज बिटफील्ड और जोनाथन एडवर्ड को परमेश्वर इस्तेमाल किया और परमेश्वर ने एक बड़ी बेदारी भेजी | असल में इस देश के इतिहास का बीज बेदारी के द्वारा बोया गया था | यह एक महान जागृति थी और यह है कई बस्तियों के रूप में फैल गई |
दूसरी महान बेदारी 100 से 1830 के बीच में हुई | यह बेदारी की एक नीव थी | जब हमारे देश को बनाने वाले लोग पश्चिम की तरफ बढ़ रहे थे और उनके अंदर स्वतंत्रता की भावना थी और बेदारी की वह आग उन नए समाजों में फैल गई और केंटुकी के ग्रामीण इलाके में एक स्थान पर 40000 लोग खेतों में सिर्फ परमेश्वर का वचन सुनने के लिए एकत्रित हुए थे | परमेश्वर बड़े स्तर पर कार्य कर रहा था |
तीसरी महान जागृति एक प्रार्थना की मुहिम कहलाती है और यह 1850 के अंत में हुई थी और परमेश्वर एक बेदारी के द्वारा काम कर रहा था | यह न्यूयॉर्क शहर से शुरू हुई जब आर्थिक केंद्र में मंदी आई और अमेरिका में एक प्रार्थना सभा थी जो कि पूरे देश में फैल गई और उस समय एक महान आत्मिक फसल की कटनी हुई थी |
हमारे देश का बेदारी का एक महान इतिहास है पर अंतिम महान प्रार्थना की बेदारी थी | किसी ने मुझसे कहा यदि आप सोचते हैं कि हमने परमेश्वर को खो दिया है तो उस अंतिम स्थान पर जाएं जहां पर आप उसे जानते थे जहां पर वह था और इतिहास में हम जिस स्थान पर उसे खो चुके हैं हमें उस स्थान पर वापस जाने की जरूरत है जहां पर हमने परमेश्वर को कार्य करते देखा था | यह एक महान प्रार्थना की बेदारी थी हमें प्रार्थना की बेदारी कि आज आवश्यकता है |
आइए मैं आपको कुछ इतिहास के बारे में बताता हूं जिसके द्वारा महान जागृति यहां आई है |
सबसे पहले यह नीचे से शुरू होता है लोग अपने विश्वासी जीवन में आरामदायक महसूस करते हैं | सब कुछ बढ़िया होता है | फिर नैतिक जीवन में गिरावट आती है और सब कुछ नैतिक तौर पर गिर जाता है और देश में अंधेरा भरना शुरू हो जाता है | जब अंधेरा इतना अधिक हो जाता है और लोग निराश हो जाते हैं तो लोगों का एक समूह प्रार्थना करना शुरू कर देता है | वह लोग परमेश्वर के आगे याचनाएं करना शुरु करते हैं कि परमेश्वर कार्य करें और जब लोग बहुत ही दुखी हो जाते हैं तब परमेश्वर का आत्मा उस देश पर आता है और जब आत्मा आता है तो एक महान आत्मिक फसल की कटनी होती है बहुत से लोग परमेश्वर के राज्य में जन्म ले लेते हैं |
और फिर पांचवी बात क्यों होती है की कलीसिया में बड़ी बढ़ोतरी हो जाती है आज कलीसिया बढ़ोतरी के बारे में बहुत ज्यादा बातें होती हैं पर मैं आपको बताता हूं कि यीशु मसीह की कलीसिया की बढ़ोतरी के महान समय संसार में उस समय आए जब जागृति या हुई जब परमेश्वर अपने लोगों को जागृत करता है |
इसलिए मैं विश्वास करता हूं कि हमें ऐसी जागृति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए आइए हम छोटी बातों के लिए प्रार्थना ना करें हम बड़े कार्यो के लिए प्रार्थना करेंगे |
लोग कहते हैं भाई सेमी यह मुश्किल लगता है असंभव लगता है मेरा अर्थ है कि हमारा देश इस समय बहुत ही गंभीर अवस्था में है मैं आप से कहता हूं हमारा परमेश्वर हमारे मांगने और सोचने से बढ़कर कर सकता है |
डॉक्टर रोए फिश जो कि एक महान इतिहासकार हैं और एक महान व्यक्ति है जिन्होंने बेदारी और सुसमाचार प्रचार के बारे में सदर्न वेस्टर्न सेमिनारी में शिक्षा दी है उन्होंने एक कॉन्फ्रेंस में कहा जहां पर हम इकट्ठे हुए किसी ने पूछा क्या आप बेदारी की कोई आशा देख सकते हैं अमेरिका में महान जागृति के लिए?
उन्होंने कहा मैं एक आशा देख सकता हूं और लोगों ने कहा वह कौन सी आशा है जो आप देख सकते हैं? और उसने कहा “ हमारे पास जब कोई आशा नहीं है” जब हम निराश हो जाते हैं और पुकार पर हैं- यह वो समय है जब हम परमेश्वर को पुकारते हैं और परमेश्वर कार्य करता है और परमेश्वर कार्य करेगा शायद हम उस स्थान पर पहुंच गए हैं जहां पर हम निराश हैं और हम कहते हैं “ हे परमेश्वर हमें आप की आवश्यकता है” यही वह स्थान है जहां पर परमेश्वर बेदारी भेजेगा |
2 इतिहास 6 :12-21
12तब वह इस्राएल की सारी सभा के देखते यहोवा की वेदी के साम्हने खड़ा हुआ और अपने हाथ फैलाए।
13सुलैमान ने पांच हाथ लम्बी, पांच हाथ चौड़ी और तीन हाथ ऊंची पीतल की एक चौकी बनाकर आंगन के बीच रखवाई थी; उसी पर खड़े हो कर उसने सारे इस्राएल की सभा के सामने घुटने टेक कर स्वर्ग की ओर हाथ फैलाए हुए कहा,
14हे यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर, तेरे समान न तो स्वर्ग में और न पृथ्वी पर कोई ईश्वर है: तेरे जो दास अपने सारे मन से अपने को तेरे सम्मुख जान कर चलते हैं, उनके लिये तू अपनी वाचा पूरी करता और करुणा करता रहता है।
15तू ने जो वचन मेरे पिता दाऊद को दिया था, उसका तू ने पालन किया है; जैसा तू ने अपने मुंह से कहा था, वैसा ही अपने हाथ से उसको हमारी आंखों के साम्हने पूरा भी किया है।
16इसलिये अब हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा इस वचन को भी पूरा कर, जो तू ने अपने दास मेरे पिता दाऊद को दिया था, कि तेरे कुल में मेरे साम्हने इस्राएल की गद्दी पर विराजने वाले सदा बने रहेंगे, यह हो कि जैसे तू अपने को मेरे सम्मुख जानकर चलता रहा, वैसे ही तेरे वंश के लोग अपनी चाल चलन में ऐसी चौकसी करें, कि मेरी व्यवस्था पर चलें।
17अब हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा जो वचन तू ने अपने दास दाऊद को दिया था, वह सच्चा किया जाए।
18परन्तु क्या परमेश्वर सचमुच मनुष्यों के संग पृथ्वी पर वास करेगा? स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में तू क्योंकर समाएगा?
19तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर ध्यान दे और मेरी पुकार और यह प्रार्थना सुन, जो मैं तेरे साम्हने कर रहा हूँ।
20वह यह है कि तेरी आंखें इस भवन की ओर, अर्तात इसी स्थान की ओर जिसके विषय में तू ने कहा है कि मैं उस में अपना नाम रखूंगा, रात दिन खुली रहें, और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
21और अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिस को वे इस स्थान की ओर मुंह किए हुए गिड़गिड़ाकर करें, उसे सुन लेना; स्वर्ग में से जो तेरा निवास स्थान है, सुन लेना; और सुन कर क्षमा करना।
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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