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एक विजयी के समान दोड़ना

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क्षमा किए गये

मती ६:१२

सैमी टिप्त : डेव बटस  हार्वेस्ट  मिनिस्ट्री के प्रेसिडेंट हैं, और यू ऐस  नेशनल प्रार्थना कमेटी  के चेयरमैन है।  उनके साथ बात करना बहुत ही आशीष वाला रहा है।  और हम प्रार्थना के विषय में बात करते हैं।  और यह मेरे लिए बहुत ज्यादा आशीष का कारण रहा है।  ध्न्य्वाद डेव, आप इस बातचीत का हिस्सा रहे हैं।

डेव बटस : ध्न्य्वाद

सैमी : मैं लोगों को जानता हूं जो इसे सुन रहे हैं।  और वह इस का बहुत ही आनंद उठा रहे हैं। हम बात  करने जा रहे हैं,  कि यीशु ने कैसे अपने चेलों  को प्रार्थना करना सिखाया।

डेव : यह सही है

सैमी : हमने उस रीति को देखा है। सबसे पहले परमेश्वर के ऊपर ध्यान केंद्रित करना,  और उसके पश्चात संसार के लिए प्रार्थना करना के राज्य आए।  और हमने जहां पर पिछले सेशन को समाप्त किया था,  कि हम अपनी आवश्यकताओं के लिए प्रार्थना करें।  और यीशु ने अपने चेलों को सिखाया,  हमारे अपराधों को क्षमा  कर जैसे हम अपने अपराधियों को क्षमा  करते हैं।  जहां दो बातें हैं और इस सेशन में हम इसके ऊपर ध्यान देंगे।  कि हमारे क़र्ज़  क्षमा कर और हमारी व्यक्तिगत क्षमा के ऊपर भी हम ध्यान देंगे।  आए हम इसके विषय में बात करते हैं। मैं अंगीकार और क्षमा यह सब कुछ जानता हूं,  कि यह जाग्रति में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं।  और इसीलिए आए,  हम क्षमा  और अंगीकार की प्रार्थना में भूमिका के विषय में बात करते हैं।

डेव : हां यह बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है और सही रीति से देखा जाए तो प्रभावशाली प्रार्थना में सबसे बड़ी रुकावट है, कि विश्वासी अपने पापों की कीमत चुका दिए  जाने के बाद भी अपने विषय में यह नहीं जानते हैं।  बेशक खास तौर पर वह लोग जो अविश्वासी रहे हैं। वह यीशु को प्रभु और मुक्तिदाता के तौर पर नहीं जानते हैं।  और उनके पाप आज भी उनके विरोध में गिने जाते हैं और उन्होंने माफी का अनुभव नहीं किया है।

सैमी : सही है

डेव  : यह एक मुद्दा है जो रुकावट लेकर आता है।  यह परमेश्वर के साथ हमारी बातचीत को रोकता है।  आप जानते हैं जब आप छोटे होते थे और आप कुछ गलती करते थे, और उसके पश्चात जब आपको अपने माता पिता के कमरे  में जाना होता था।  तो आप कैसे महसूस करते थे। आप को इस बात का पता नहीं होता था,  कि उन्हें पता है या नहीं। और आप बहुत ही दोषी महसूस करते थे। आप उनके साथ बात नहीं करते थे, क्योंकि आप दोषी महसूस करते थे। और आप यह जानते थे। और वास्तव में यही हमारे साथ होता है जब हम अपने जीवन में कुछ महसूस करते हैं, और हमने उसका सामना नहीं किया होता है। यह  हमें परमेश्वर के साथ बात करने से रोकता है। और यह उस बहाव को रोकता है और उस में रुकावट पैदा कर देता है। क्योंकि हमें यह नहीं पता है कि हम इस का सामना कैसे कर सकते हैं।

सैमी : आप जानते हैं जब मैं पहली बार मसीही बना।  मैं उस रात को कभी नहीं भूलूंगा।  यह  50 वर्ष पहले की बात है और मैं आज भी उसे नहीं भुला पाया हूँ।  मेरे लिए आज भी उतनी ही वास्तविक है जितनी 50 वर्ष पहले थी।  उस रात एक बात हुई जब मैं चर्च में गया, जब मैंने येशु को जाना और वह मेरे हृदय में आ गया तो एक भावना थी।  मैं जानता हूँ  कि हम भावनाओं में नहीं चलते हैं,  यह विश्वास है। परंतु एक भावना थी,  जैसे किसी ने कई लाख किलो भार मेरी पीठ से उठा दिया और वह दोष था जो चला गया था।

डेव : सही है

सैमी : यदि आपको याद हो,  मैं पिछले सेशन में भी कह रहा था।  मैं और मेरे मित्रों ने सुबह सुबह प्रार्थना के लिए मिलना शुरु कर दिया।  हमें किसी ने इसके विषय में बताया नहीं था जिसकी वजह से यह प्रार्थना इतनी उत्तेजना भरी हो गई थी।  क्योंकि पहले यह ऐसी होती थी “ओह यह तो एक धार्मिक  काम है” परंतु अब वह चला गया था और इसीलिए क्षमा ने  प्रार्थना में स्वतंत्रता का रास्ता खोल दिया था।

डेव : यह सही है

सैमी : अब मैं एक बात सोचता हूं और मैं चाहता हूं हम इसके विषय  में बात करें क्योंकि यह जागृति के साथ संबंधित है।  विशेषकर उन  मसीही लोगों के लिए जिनके हृदय को नए होने की आवश्यकता है।  मेरे साथ मुक्ति के समय पर क्या हुआ कि मैंने देखा कि यीशु ने क्रुस के  उसके ऊपर क्या किया है। उसने हमारे पापों की सजा ले ली है।  अब मेरे पाप क्षमा हो गए हैं। परंतु अभी भी मैं हर रोज फेल होता हूं,  और इसीलिए पश्चाताप अंगीकार और टूटे पन के द्वारा क्या होता है यह क्षमा  पैदा करता है और वह मुझे वापस क्रुस के पास ले आता है।

डेव : यह सही है

सैमी : इसीलिए एक जाग्रति होती है।  और आप इसके ऊपर अपने विचार दे सकते हैं।  जागृति क्रूस और टूटेपन का स्थान और क्षमा  आदि।

डेव : बिल्कुल यह सब एक साथ हैं परंतु इसे थोड़ा सा खोलने की आवश्यकता है मैं वास्तव में विश्वास करता हूं कि यह  बहुत ही जरूरी है।  मैंने इमानदारी के साथ देखा है कि बहुत कम मसीही लोग क्षमा को समझते हैं।  वह यह नहीं समझते कि इसका क्या अर्थ है जब आपने कहा कि 100000 किलो भार  मेरी पीठ से हट गया।  मैं बहुत  मसीही लोगों को जानता हूं जो हर रविवार चर्च में आते हैं,  परंतु अभी भी वह बोझ  के नीचे हैं अभी भी वह दोषी महसूस करते हैं निसंदेह  यह हमारे प्रार्थना के जीवन को रोकेगा।

सैमी : सही है

डेव : हमने जो किया है वह यह है कि हम ने प्रार्थना के एक महत्वपूर्ण हिस्से, अंगीकार के विषय में सिखाया है।  और यह परमेश्वर के सामने आना है।  और शायद यह भजन ५१ में पाया जाता है,  यहां दाऊद ने परमेश्वर के विरोध में पाप किया और हालांकि उसके पाप में और भी लोग शामिल थे।  परंतु उसने यह  पहचाना कि उसने परमेश्वर के विरोध में पाप किया है।  और वह परमेश्वर के पास आया और इसके लिए उसने कोई सफाई नहीं दी।

उसने कोई बहाना बनाने की कोशिश नहीं की।  अथवा उसने यह नहीं कहा,  परमेश्वर मैंने इस वजह से या उस  वजह से यह किया।

यह मात्र अंगीकार ही नहीं है जो यह करता है।  यह वास्तविकता है। येशु अब हमारे जीवन का प्रभु और मुक्तिदाता है।  और अब हम अपने पापों का अंगीकार कर पाते हैं।  जैसे आपने कहा था कई बार प्रतिदिन और दुख की बात यह है कि दिन में कई बार।  जो हमें लोगों को सिखाना चाहिए कि  वह है,  परमेश्वर के साथ छोटा लेखा रखें।

क्या

सैमी : सत्य है

डेव : हम ना सिर्फ दिन के अंत में सूचि बनाते हैं,  ओह मैंने यह किया, यह वह किया।  हमें मसीही लोगों को सिखाना है और नए  मसीही लोगों को भी कि  वह परमेश्वर के साथ छोटा हिसाब रखें।  जब भी आप को पाप का पता चलता है कि आप ने पाप किया है, उसी वक्त उसका अंगीकार करें।  एक योग्यता है कि हम कुछ समय के लिए दोषी महसूस करना चाहेंगे।  मैं अभी इसका अंगीकार  नहीं कर रहा हूँ।  मुझे कुछ समय के लिए दोषी महसूस करना होगा। और फिर ही मैं इसका अंगीकार कर पाऊंगा। आप देखें यह कितना मनुष्य के ऊपर केंद्रित है,  इसका अर्थ यह कहना है,  कि मेरी क्षमा  का आधार मेरा बुरा महसूस करना अथवा  क्षमा  मांगना है।  नहीं नहीं नहीं। यह  यीशु मसीह के लहू के द्वारा है।  इसलिए हमें सीखना है कि हम परमेश्वर के साथ छोटा लेखा  रखे और जैसे ही हमें पाप का पता चलता है उसी वक्त अंगीकार करें।  और उसके पश्चात वचन अद्भुत है यह वायदे हैं कि वह धर्मी है और वह सच्चा है और वह हमारे पाप  से हमें क्षमा करेगा।

सैमी :हां एक और बात जो  मेरे मन में आई है जब आप बता रहे थे,   जब हम अंगीकार  नहीं करते हैं। तो हम इसे एक तरह से चटाई के नीचे छिपा  कर डाल देते हैं अथवा कुछ और और फिर लोग प्रार्थना करने की कोशिश करते रहते हैं और वह पारंपरिक प्रार्थना में चले जाते हैं।

डेव : यह सही है।

सैमी : मैं उस रीति से प्रार्थना करना छोड़ देते हैं।  जिस रीति  से उन्होंने प्रार्थना करनी शुरु की थी वह पवित्र आत्मा की शक्ति में,  प्रभु के आनंद और प्रभु के उपस्थिति में  और नजदीकी की प्रार्थना करना बंद कर देते हैं।  और इसीलिए अंगीकार  के साथ एक ईमानदार और पारदर्शी बात होनी चाहिए।  यदि आप समझते हैं कि परमेश्वर भला  है और परमेश्वर आपको प्रेम करता है तो आप उसके पास आ सकते हैं और आप इसे कवर करते  हुए नहीं परंतु उसके पास उसी वक्त आ जाना। मैं सोचता हूं कि शायद यह वह छोटे लेखे  हैं जिनको रखने के विषय में आप बात कर रहे थे।  कुछ बातें हैं जो मैंने व्यक्तिगत जागृति के विषय में सीखी हैं।

डेव : यह है

सैमी : जरी में नया होने जा रहा हूं तो मुझे छोटे हिसाब रखने पड़ेंगे। मैं छुट्टी लेकर के बारे में आपको बताता हूं, इसका अर्थ है कि आप वस्तुओं को लंबे समय तक पकड़कर नहीं रखते हैं परंतु उसी वक्त आप परमेश्वर के पास अंगीकार करते हुए और पश्चाताप करते हुए आते हैं।

डेव : यह सही है।

सैमी :मुझे जल्दी से बताएं अंगीकार करने का क्या अर्थ है? अंगीकार शब्द का क्या अर्थ है?

डेव : यह सहमति है यह परमेश्वर के साथ शहद सहमति है।

सैमी : जहां आप कहते हैं कि आप सही हैं, मैं गलत हूँ।

डेव : “परमेश्वर तुम सही हो और तुम उसे पाप  कहते हो,  अब मैं आपके साथ सहमत होना चाहता हूं। और मैं चाहता हूं,  कि आप यह जान लें।  और मैं और बहाना नहीं बनाना चाहता हूं।  और मैं सहमत हूं,  कि मैंने यह किया है।  और मैं अंगीकार करता हूं।  कि मैंने यह किया है।  और जो मैंने किया वह गलत था। और इसे मैं गलत कहता हूं।  यह अंगीकार है। यह परमेश्वर के साथ अंततः सहमति है।  निसंदेह यह अगला कदम है।  कि हम तो पश्चाताप करते हुए वापस आएं।  और आप अपने पाप  का अंगीकार करते हैं।  और पश्चाताप करते हैं और जो गलत करते हैं  उसे आप मानते हैं और फिर परमेश्वर आता है और वह, वह करता है जो सिर्फ वही कर सकता है।  वह  आनंद की बहाली और सवतंत्रता वाली बहाली लाता है।

सैमी : इसको जाग्रति कहते हैं।  परमेश्वर आपके हृदय को जागृत  करेगा । जब आप अंगीकार करेंगे,  तो वह आपके जीवन को नया करेगा।  अंगीकार हमेशा महान जागृतियों का भाग  रहा है और आज भी यह आपके जीवन की जागृति का बड़ा भाग  बन सकता है।  इसलिए परमेश्वर के साथ अकेले समय व्यतीत करें, जिसमें आप पारदर्शी और ईमानदार बन जाएं।

1 यूहन्ना 1:1-9

1उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।

2(यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)।

3जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है।

4और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए॥

5जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति है: और उस में कुछ भी अन्धकार नहीं।

6यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते।

7पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।

8यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं।

9यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

सम्पर्क करें: info@sammytippit.org

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