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परमेश्वर के हृदय को जानना
करीब 100 वर्ष पूर्व महान अमरीकी सुसमाचार प्रचारक, डी. ऐल. मूडी, एक बार लनार्कशायर, स्कॉटलैंड में प्रचार कर रहे थे। एक स्कॉटिश व्यक्ति जोकि ब्रदरन चर्च से था उनके पास आया और कहा, “मैं अमरीका आ रहा हूँ और वहाँ आपसे मिलना चाहूँगा।” श्रीमान मूडी ने नम्रतापूर्वक उत्तर दिया, “बिल्कुल, मैं वहाँ आपसे अवश्य मिलना चाहूँगा।” परन्तु वास्तव में उन्होंने सोचा कि वह व्यक्ति शायद दोबारा उनके सम्पर्क में कभी नहीं आएगा।
जब मूडी अमरीका लौटे तो उन्हें उस स्कॉटिश व्यक्ति का एक पत्र मिला। उसने लिखा था, “मैं न्यु यॉर्क शहर में हूँ और शीघ्र ही शिकागो में आपसे मिलने के लिए यहाँ से निकलने वाला हूँ।” इसके बाद जल्दी ही वह व्यक्ति शिकागो पहुँच गया। वह प्रचार करने के लिए तैयारी के साथ आया था। श्रीमान मूडी को अपनी कलीसिया में ना होकर कहीं और प्रचार करना था। इसलिए उन्होंने, भद्रता दिखाते हुए उस व्यक्ति को अपनी कलीसिया में प्रचार करने दिया।
उस शाम जब मूडी अपने घर आए तो उन्होंने अपनी पत्नी से पूछा, “आज शाम कलीसिया में सबकुछ कैसा रहा?” उनकी पत्नी ने उत्तर दिया, “बहुत अच्छा था लेकिन मुझे नहीं लगता कि जो सन्देश दिया गया वो आपको पसंद आता।” मूडी ने और जानना चाहा तो उनकी पत्नी ने उनसे कहा, “उसने प्रचार किया कि परमेशवर पापियों से प्रेम करता है।” महान प्रचारक मूडी यह सुनकर दंग रह गए। “इससे उसका क्या तात्पर्य था?” उन्होंने हैरानी के साथ कहा। “पापी तो परमेश्वर के क्रोध के नीचे हैं। परमेश्वर का न्याय उन पर है।”
इस पर श्रीमती मूडी ने कहा, “परन्तु उसने जो कुछ कहा वह सब बाइबल में से ही था।”
अगली रात श्रीमान मूडी ने उस स्कॉटिश भाई को फिर से प्रचार करने का अवसर दिया, परन्तु इस बार मूडी स्वयं बैठे उसे सुन रहे थे। उस व्यक्ति ने उत्पत्ति से शुरू किया और पूरी बाइबल में से एक के बाद एक वचन दिखाता गया कि परमेश्वर पापियों से प्रेम करता है। यह डी. ऐल. मूडी के जीवन में आँखें खोल देने वाला क्षण था। मूडी ने परमेश्वर के चरित्र के बारे में जाना था। वह जानते थे कि परमेश्वर पवित्र है। उन्होंने जाना था कि कोई भी अपवित्र चीज़ परमेश्वर की उपस्थिति में ठहर नहीं सकती। लेकिन मूडी परमेश्वर के हृदय को जानने से चूक गए थे।
उस स्कॉटिश प्रचारक से भेंट के बाद और इससे भी बढ़कर, वचन में से परमेश्वर के हृदय से आत्मसात होने के बाद, श्रीमान मूडी, एक नये जुनून के साथ लोगों को प्रचार करने लगे। उनकी आँखें खुल गईं कि वो खोए हुए संसार के लिए परमेश्वर के प्रेम को देख पाएँ। उन्होंने अपनी एक इमारत में ये शब्द खुदवाए- “परमेश्वर प्रेम है।” अब मूडी ने परमेश्वर के हृदय को जान लिया था।
मैंने पाया है कि आज बहुत सारे मसीही भी वैसे ही हैं, जैसे श्रीमान मूडी उस स्कॉटिश भाई के साथ अपनी आँखें खोल देने वाले अनुभव से पहले थे। हम अक्सर उन लोगों की आलोचना करते हैं जिनके जीवन परमेश्वर के चरित्र और स्वभाव के विपरीत होते हैं। हम, लोगों को उनके पापों में लिप्त देखकर उनसे घृणा करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम परमेश्वर के हृदय को जानने से चूके हुए हैं। उसका चरित्र पवित्रता है और हम इस बात से समझौता नहीं कर सकते। पाप और पवित्रता एक छत के नीचे नहीं रह सकते। इसके बावजूद भी आवश्यक है कि हम इस खोए हुए और मरते हुए संसार के लिए परमेश्वर के हृदय के साथ गुंथ जाएँ।
कई बार मैं दुनिया के ऐसे क्षेत्रों में यात्रा करता हूँ जहाँ मनुष्यजाति का खोया होना इतना प्रत्यक्ष दिखाई देता है कि मेरा हृदय टूट जाता है। जब मैं उप-सहारा के अफ़्रीका में भीड़ों की भीड़ को एड्ज़ से मरते हुए देखता हूँ तो मेरा हृदय रोता है। हाँ, मैं यह जानता हूँ कि बहुत लोग अपने पापों के कारण मर रहे हैं। वचन सत्य है कि, “पाप की मज़दूरी मृत्यु है।” लेकिन यह भी सत्य है कि, “परमेश्वर ने जगत से इतना प्रेम किया कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया कि जो कोई उस पर विश्वास करे वह नाश न हो वरन अनन्त जीवन पाए।” जब मैं लाखों लोगों को असाम्प्रदायकता और धर्मवाद के द्वारा अंधे किए हुए देखता हूँ तो मैं रोता हूँ क्योंकि मैं जानता हूँ कि मसीह उनसे प्रेम करता है और उन्हें क्षमा करने के लिए उसने अपनी जान दी है।
जब हम परमेश्वर के हृदय को देखते हैं तो हम उन लोगों के लिए रोए बिना नहीं रह सकते जिन्होंने कभी मुक्तिदाता को जाना ही नहीं है। यह परमेश्वर का हृदय ही है जो पापमय और विद्रोही संसार तक पहुँचना चाहता है। परमेश्वर के हृदय ने ही उसे मुक्तिदाता को भेजने के लिए प्रेरित किया। जब हम उसके हृदय को देखते हैं, तो हम भी रोएंगे। हम उन तक पहुँचना चाहेंगे जिन्होंने कभी उसके प्रेम को नहीं जाना है। हमारे हृदयों पर भी वही वचन खुद जाएँगे जो श्रीमान मूडी ने अपनी एक इमारत में खुदवाए थे, “परमेश्वर प्रेम है।”
7इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला।
8क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे।
9उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी होकर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)।
10यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता।
11स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कूआं गहिरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया?
12क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिस ने हमें यह कूआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया?
13यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा।
14परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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