शिष्यता का दैनिक वीडियो
स्तुति और अरधान
लुका ११:१, मती ६:९
सैमी : मैं फिर से प्रार्थना के विषय में इस वार्तालाप में आपका स्वागत करता हूं। मैं डेव बटस के साथ बात कर रहा हूं जो कि हारवेस्ट प्रार्थना सेव्काई के प्रधान है और यूएस नेशनल प्रार्थना कमेटी के चेयरमैन हैं। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो यीशु को प्रेम करते हैं और वह उस से प्रेम करते हैं और वह उसके विषय में दूसरों के साथ बांटना चाहते हैं। वह उनके साथ चलना चाहते हैं। मैंने दिल से बहुत आशीष पाई है। हम प्रार्थना के विषय में अपने वार्तालाप को जारी रखेंगे। डेव मैं आपसे बात करना चाहता हूं, प्रार्थना के महान व्यक्ति के विषय में, जो के सबसे महान व्यक्ति था जो इस ग्रह पर चला और जो इस पृथ्वी पर आया और था वह यीशु।
डेव : बिलकुल ।
सैमी: उसने अपने शिष्यों को प्रार्थना करना सिखाया और यह बहुत ही रोचक लगता है कि वह उसके पास आए और उन्होंने उसे कहा, प्रभु हमें प्रार्थना करना सिखाए। उन्होंने उसे चमत्कार करते हुए देखा था। उन्होंने देखा था कि उसने बहुत सारे काम किए। उन्होंने यह नहीं कहा कि प्रभु हमें चमत्कार करने सिखा। हमें बीमार चंगे करने सिखा। उन्होंने कहा कि प्रभु हमें प्रार्थना करना सिखा। क्योंकि वह जानते थे कि जो कुछ भी वह करता है उसका भेद प्रार्थना है।
डेव: यह सही बात है।
सैमी: एक मनुष्य होने के नाते वह परमेश्वर से बात करता था। लोग कहते हैं, यीशु प्रार्थना करने की क्या आवश्यकता थी? क्योंकि वह एक मनुष्य था। परमेश्वर होने के नाते उसे आवश्यकता नहीं थी परंतु एक मनुष्य होने के नाते उसने हमें सिखाया कि हम कैसे जी सकते हैं। इसीलिए उन्होंने प्रार्थना की और उसने परमेश्वर के चेहरे को ढूंढा और उसने अपने शिष्यों को प्रार्थना करना सिखाया। उसमें मैं एक लड़ी देखता हूं। जब उसने प्रार्थना का द्वार खोला तो सबसे पहली बात जो उसने कही, हमारे पिता, आप जो स्वर्ग में हैं। आपका नाम पवित्र माना जाए। आप पिछले सेशन में जो ध्यान की बात कर रहे थे कि ध्यान लगाया जाए। यीशु ने कहा जब आप प्रार्थना करते हैं, तो हमें अपना ध्यान इस बात पर लगाना चाहिए कि परमेश्वर कौन है।
डेव: बिलकुल
सैमी: “हमारे पिता आप जो स्वर्ग में हैं आपका नाम पवित्र माना जाए” हमारे लिए प्रार्थना की मुख्य बात को ऊपर ले कर आना कितना महत्वपूर्ण है? और प्रार्थना में धन्यवाद कितना महत्वपूर्ण है ?
डेव: मैं यह कहूंगा यदि हम इसे सही रीति से नहीं लेंगे तो शायद हम और कुछ भी होता हुआ देख नहीं पाएंगे। मैं ऐसे इसलिए सोचता हूं, फिर से यीशु प्रार्थना के विषय में सबसे अच्छा समझते थे। मैं यह बात करना चाहता हूं कि यीशु ने प्रार्थना को दोनों तरफ़ से जाना। यदि आप इस बात को गहराई से देखें तो वही है जो प्रार्थना करता है और वही है जिसके सामने प्रार्थना की जाती है। इसलिए वह समझता है। वह प्रार्थना को समझता है। और जब वह हमें प्रार्थना के विषय में कुछ सिखाता है हमें सच में ध्यान देने की आवश्यकता है।
सैमी: ਹਾਂ।
डेव: वह हमें दिखा रहा है कि यदि हम प्रार्थना में प्रभावशाली होना चाहते हैं तो हमें इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कि हम किसके साथ बात कर रहे हैं। मैं इस बात से कायल हूं कि बहुत बार मेरे अपने जीवन में मैं प्रार्थना में जल्दी जल्दी आया और मेरा ध्यान परमेश्वर के ऊपर नहीं परंतु मेरे अपने ऊपर था। और यह मेरे साथ तब होता है जब मैं स्तुति और आराधना को प्रार्थना के समय में लाने में असफल हो जाता हूं औरदेखें यीशु ने शिक्षा दी कि हम इसे सही रीति से कैसे कर सकते हैं।
एक सही रीति से यीशु ने अपने शिष्यों से कहा यदि तुम प्रार्थना करना सीखना चाहते हो, तो सबसे पहले तुम्हें अपना ध्यान उसके ऊपर लगाना है, जिससे हम बात कर रहे हैं। वह आपकी आराधना के योग्य है। वह पवित्र है और वह पवित्र माना जाना चाहिए । वह हमारा पिता है और हम उसके ऊपर ध्यान दें जिससे हम बात कर रहे हैं। लेकिन हमारी एक समस्या है यदि मैं चिंतित हूं, यदि मैं उदास हूं, यदि मैं भयभीत हूं, और यदि मेरे पास यह सभी मुद्दे हैं तो मैं प्रार्थना में दोड़ता हुआ आऊंगा और मैं सिर्फ इन मुद्दों के साथ ही अपनी प्रार्थना को समाप्त कर दूंगा । और मैं इन मुद्दों के विषय में ही प्रार्थना में बात करूंगा और मैं इस पूरे समय में क्या करता हूं मैंने अपनी समस्या के ऊपर ही ध्यान लगाकर रखा।
मैंने समस्या का समाधान करने वाले के ऊपर ध्यान नहीं लगाया। परंतु जब हम आराधना करते हैं तो हमारा ध्यान हट जाता है, और हमारी प्रार्थना प्रभावशाली हो जाती है। क्योंकि अब हम अपने ऊपर ध्यान नहीं लगा रहे हैं। मैं अपना ध्यान आपके ऊपर नहीं लगा रहा हूं, मैं अपना ध्यान अपनी परिस्थिति के ऊपर नहीं लगा रहा हूं। मैं परमेश्वर के पास आ रहा हूं जिसने सब कुछ बनाया है, जो पवित्र है, जिसने बोला उस सब कुछ अपने आप भी हो गया।अचानक ही मेरे समस्त मुद्दे उसकी ज्योति के सामने धुंधले पड़ने शुरू हो जाते हैं।
सैमी: मैं आपको बताता हूं, यह बहुत ही उत्तेजित हो जाता है जब यह ऐसे होता हैं। मुझे याद है जब मैं नया मसीही था तो मैं झील के पास जाता था जो मेरे कॉलेज में थी। और मैं नया-नया मसीही बना था और झील के पास जाता और उस जगह पर जहां पर झील थी, मैं वहां जाकर प्रार्थना किया करता था । मैं बाहर जाता था तारों की ओर देख कर मैं कहता था, परमेश्वर मैं तुमसे प्रेम करता हूं और मैं अपना ध्यान उसके ऊपर लगाता था और जो यीशु ने मेरे लिए किया था उसके ऊपर ध्यान लगाता था और एक बार तो मैं इतना ज्यादा खुश हो गया कि मैं झील में ही गिर गया।
डेव: ओह
सैमी: ऊपर देखो क्या मैं अभी भी आप से प्रेम करता हूं।
डेव: आपका दूसरी बार बपतिस्मा हो गया।
सैमी: ठीक है यह बहुत ही महान बात है और मैं उस बात की और वापस जाना चाहता हूं जिस बात से आप ने शुरु किया था । यह बहुत ही महत्वपूर्ण है जब हम प्रार्थना के ऊपर बात करते हैं। हम ने परमेश्वर के प्रेम के विषय में हमने बात की थी। वह प्रेम है । मेरे लिए सबसे ज्यादा रोचिक था । सब से पहली बात जिस के ऊपर यीशु ध्यान लगाते हैं वह है पिता का पितापन ।
डेव: सही बात है।
सैमी: हमारे विचार में जब तक हम उसे एक पिता के रुप में नहीं जानते हैं, ना सिर्फ परमेश्वर सर्वशक्तिमान है जो बहुत ही शक्तिशाली है, परंतु वह एक पिता भी है। एक और बात वह विशेष रीति से पिता है और माटी ६ में यह हमें सिखा रहा है, परंतु माटी ७ में वह पिता को वास्तविक रुप से बता रहा है कि वह कैसा पिता है। वह कहता है, यदि तुम बुरे हो कर, मेरा अर्थ है मैंने बहुत गलतियां की हैं मैं बार बार फेल हुआ, यदि तुम अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा पिता जो भलाई में भरपूर है वह अपने बच्चों को वस्तुएं क्यों नहीं देगा। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है जब वह कहता है, जो स्वर्ग में है।
डेव: बिलकुल सही
सैमी: आप एक प्रेमी संबंध में है। मैं सिर्फ उस परमेश्वर के प्रेम में हूं, जिसने पूरे ब्रम्हांड को बनाया है। और मेरा अर्थ है आपके दिल के साथ इस से क्या होता है ? इसमें क्या है? कुछ लोग कहते हैं यह तो बहुत उबाऊ लगता है परंतु जब आप उस स्थान पर चले जाएंगे तो यह फिर उबाऊ नहीं लगेगा।
डेव: आप जानते हैं जब आप प्रभु पर प्रार्थना में ध्यान लगाना शुरु कर देते हैं, कि वह कौन है ना कि हम क्या चाहते हैं, ना कि हमारी प्रार्थना की सूची कि हम क्या देखना चाहते हैं। जब हम उसके ऊपर ध्यान लगाते हैं तो हम ऐसे हो जाते हैं और सैमी मैं जानता हूं आपने भी इस का अनुभव किया होगा। जब मैं परमेश्वर की उपस्थिति में आया और मैंने उसकी आराधना शुरू की तो मैं भूल गया मैं क्यों आया था । आप बिल्कुल भूल जाते हैं और आप अपनी प्रार्थना की सूची को भूल जाते हैं। क्योंकि आप उसकी महानता में खो जाते हैं।
आप जानते हैं जो कहता यह तो बहुत ही बोरिंग है, उसने कभी प्रभु परमेश्वर की आराधना ही नहीं की, जो हमारे मांगने से ज्यादा है। जब आराधना की बात आती है और जब हम उस में खो जाते हैं कि वह कौन हैं, और हम अपने आप को प्रभु के सामने प्रार्थना में समर्पित कर देते हैं। और जब हम प्रार्थना में प्रभु के आगे समर्पित हो जाते हैं तो हम प्रार्थना वाले लोग बन जाते हैं।
जब हम प्रार्थना को इस रीति से देखते हैं कि यह सिर्फ वस्तुएं लेने का तरीका है। तो हम अपने आप को कभी भी उसे नहीं दे पाते हैं। वह परमेश्वर जो प्रार्थनाओं का उत्तर देता हैं, जो स्वर्ग का परमेश्वर है । जो हमें पृथ्वी के ऊपर भी प्रेम करता है और वह सिर्फ कुछ दिनों का प्रेम नहीं करता है उसका प्रेम ऐसा प्रेम है जो आज भी है और जो रिश्ते को बनाना चाहता है।
सैमी: मैं यहां थोड़ा व्यवहारिक होना चाहता हूं। मैं और आप इसके ऊपर बहुत ही उत्तेजित हो जाते हैं। परंतु मैं थोड़ा सा व्यवहारिक होना चाहता हूं। क्योंकि कुछ बातें हैं जो हमारी सहायता कर सकती हैं। 8 वर्ष पहले मुझे कैंसर हो गया था और बहुत लोग पूछते हैं, सेमी आप कैसे हैं? परमेश्वर ने मुझे चंगा कर दिया है मैं बिल्कुल ठीक हूं। इस समय के दौरान मेरा ऑपरेशन भी हुआ। फिर मैंने तीन महीने बिताए, जहां पर मैं परमेश्वर को मिला और दो व्यवहारिक बातें जो मैंने की। परमेश्वर ने मेरे हृदय के साथ बात की और उसने मुझे दो काम करने के लिए कहे जो मेरे लिए बहुत ही सहायता देने वाले थे। पहली बात थी कि मैं उसके वचन को पढ़ने के ऊपर समय व्यतीत करूं और मैंने पूरी बाइबल को पढ़ा और मैंने परमेश्वर के वचन में से पड़ा। क्योंकि आप परमेश्वर को कैसे जानते हैं कि वह कहां हैं? आप कैसे जानते हैं कि वह कैसा है? बाइबल को पढ़े और फिर आप जानेंगे कि वह कैसा है। और दूसरी बात मैंने एयरफोन लिए और एक छोटा सा आई पाड ले लिया और जिसमें मे आराधना का संगीत था। और फिर मैं बैठ कर यीशु मसीह की आराधना किया करता था और मैं गाया करता था और शायद यीशु ने यही कहा, जब तुम प्रार्थना करते हो तो अपनी कोटड़ी में जाओ और द्वार को बंद कर दो।
डेव: उन्होंने आपको गाते हुए सुना होगा।
सैमी: हां उन्होंने मुझे गाते हुए सोना और कुछ लोग यह सोचते हैं कि गाना प्रार्थना नहीं है परंतु यह है।
डेव: हाँ ।
सैमी: प्रार्थना का एक बड़ा हिस्सा यह है कि मैं उसकी आराधना करूं। और जैसे आप बात कर रहे थे और मैं सोचता हूं कि यह दोनों बातें बहुत महत्वपूर्ण है। क्या कोई और भी बात है जो आराधना करने में आपकी मदद कर सकती है?
डेव: विशेष रीति से मैं सोचता हूं कि जब आप वचन को लेते हैं और परमेश्वर के ऊपर आप ध्यान देते हैं, कि वह कौन है। इस बात को जिसे में प्रतिदिन करता हूं, मैं कम से कम दो या तीनभजनों में से प्रार्थना करता हूं । क्योंकि बहुत से भजन है और वह गीत हैं और उनके द्वारा हम अपने ध्यान को केंद्रित कर सकते हैं। और वह प्रार्थना के भजन है जो इस बात पर ध्यान लगाते हैं कि परमेश्वर कौन हैं । उनमें से सभी नहीं, परंतु उनमें से अधिकतर ऐसे हैं जिनको मैं अपनी प्रार्थना में इस्तेमाल कर सकता हूं।
मैं जानता हूं बहुत सारे लोग कहेंगे, कि मैं नहीं जानता कि परमेश्वर की आराधना यह कहने के इलावा कैसे की जा सकती है, कि परमेश्वर में तेरी आराधना करता हूं। आप भजनों का इस्तेमाल करें। भजन 145 को खोलें और यह बहुत ही अच्छा तरीका है जिसके द्वारा आप अपनी प्रार्थना को शुरू कर सकते हैं और परमेश्वर के सामने इसे बहुत ही साधारण विधि से पढ़े और फिर परमेश्वर को बताएं कि वह कौन है और आप यह जानते हैं क्योंकि आप उस के वचनों में पढ़ रहे हैं।
सैमी: ठीक है हम आने वाले सेशन में भी इसके ऊपर समय व्यतीत करेंगे ठीक है।
डेव: ठीक है
सैमी: अब हम इस सेशन को खत्म करने वाले हैं। परंतु मैं सोचता हूं एक बात जो सभी को जानने की आवश्यकता है, कि हमें यीशु मसीह की आराधना में समय व्यतीत करना चाहिए। परमेश्वर अपने लोगों की आराधना के ऊपर विराजमान हैं। और जब आप प्रार्थना में समय बिताते हैं आप उसकी आराधना करें।
1हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा।
2प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।
3यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है॥
4तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा।
5मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
6लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा।
7लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण करके उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे॥
8यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है।
9यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है॥
10हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे!
11वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे;
12कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें।
ਸ਼ਾਨੋ-ਸ਼ੌਕਤ ਬਹੁਤ ਅਦਭੁਤ ਹੈ ਮੈਂ ਤੁਹਾਡੇ ਚਮਤਕਾਰਾਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸਾਂਗਾ। 6 ਯਹੋਵਾਹ, ਲੋਕ ਤੁਹਾਡੇ ਅਦਭੁਤ ਕਾਰਿਆਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸਣਗੇ. ਮੈਂ ਤੁਹਾਡੇ ਮਹਾਨ ਕਾਰਜਾਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸਾਂਗਾ। 7 ਲੋਕ ਤੁਹਾਡੇ ਸ਼ੁਭ ਕਾਰਜਾ ਬਾਰੇ ਦੱਸਣਗੇ. ਲੋਕ ਤੁਹਾਡੀ ਨੇਕੀ ਦੇ ਗੀਤ ਗਾਉਣਗੇ। 8 ਯਹੋਵਾਹ ਮਿਹਰਬਾਨ ਅਤੇ ਦਿਆਲੂ ਹੈ. ਯਹੋਵਾਹ ਸਹਿਜ ਅਤੇ ਪਿਆਰ ਭਰਿਆ ਹੈ। 9 ਯਹੋਵਾਹ ਹਰ ਇੱਕ ਨਾਲ ਨੇਕੀ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਯਹੋਵਾਹ ਹਰ ਚੀਜ਼ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਦਯਾ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨੂੰ ਉਸ ਨੇ ਬਣਾਇਆ। 10 ਯਹੋਵਾਹ, ਜੋ ਵੀ ਗੱਲਾਂ ਤੁਸੀਂ ਕਰਦੇ ਹੋ। ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਤਤਿ ਦਵਾਉਂਦੀਆਂ ਹਨ. ਤੁਹਾਡੇ ਅਨੁਯਾਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਅਸੀਸ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। 11 ਉਹ ਦੱਸਦੇ ਹਨ ਕਿ ਤੁਹਾਡੀ ਸਲਤਨਤ ਕਿੰਨੀ ਮਹਾਨ ਹੈ। ਉਹ ਦੱਸਦੇ ਹਨ ਤੁਸੀਂ ਕਿੰਨੇ ਮਹਾਨ ਹੋ। 12 ਇਉਂ ਹੋਰ ਲੋਕੀ ਵੀ ਤੁਹਾਡੇ ਮਹਾਨ ਕਾਰਨਾਮਿਆ ਬਾਰੇ ਜਾਣ ਲੈਂਦੇ ਹਨ, ਯਹੋਵਾਹ. ਉਹ ਲੋਕ ਜਾਣ ਲੈਂਦੇ ਹਨ ਕਿ ਤੁਹਾਡੀ ਸਲਤਨਤ ਕਿੰਨੀ ਮਹਾਨ ਅਤੇ ਅਦਭੁਤ ਹੈ।
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Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
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सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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