शिष्यता का दैनिक वीडियो
जहाँ दो या तीन एकत्रित हों
जब मैनें पहली बार मसीह को जाना तो मैं चाहता था कि मेरे मित्र भी उसको जानें। मैनें उनके लिए प्रार्थना की। कुछ ही समय बाद उनमें से कई ने मसीह को अपने हृदय में स्वीकार कर लिया। हम बहुत सुबह-सुबह प्रार्थना करने और वचन पढ़ने के लिए एकत्रित होने लगे। उस समय हम बैटन रौग में रहते थे जो लुसियाना प्राँत की राजधानी है। राजधानी भवन के पास ही एक पर्वत है जहाँ से एक झील दिखाई देती है। हम उस पर्वत पर मिलते और फिर परमेश्वर के साथ एकांत में समय बिताने के लिए अलग-अलग हो जाते। हम प्रार्थना करने और वचन को पढ़ने और कंठस्थ करने में समय बिताते। फिर हम वापस आकर एक दूसरे को बताते कि हमें एक साथ कैसा महसूस होता था और परमेश्वर हमारे हृदय से क्या बात कर रहा था।
वह मेरे जीवन के कुछ सबसे कीमती पल थे। मैं उन दिनों को कुछ बहुत ही मधुर यादों के रूप में याद करता हूँ। यद्यपि हम में से अधिकतर बैटन रौग से निकलकर और स्थानों पर बस चुके हैं परन्तु वह छोटा सा स्थान जहाँ हम मिलते थे, हमारे लिए एक पवित्र स्थान जैसा बन गया है। यह वह स्थान था जहाँ हम परमेश्वर से और परमेश्वर हमसे मिलता था। वह हमारे जीवनों का ऐसा विशेष समय था जिसने हमारी बढ़ौतरी की दिशा निर्धारित की। जब भी मैं बैटन रौग अपने परिवार और मित्रों से मिलने के लिए जाता हूँ तो मुझे हमेशा राजधानी के पास उस छोटे से स्थान पर जाना बहुत अच्छा लगता है। यह मुझे मेरे मसीही अनुभव के प्रारम्भिक वर्षों का स्मरण दिलाता है। परन्तु सबसे अधिक, यह मुझे उन लोगों के साथ संगति की मेरी आवश्यकता को स्मरण दिलाता है जिन्होंने मेरी तरह मसीह को जाना है।
जब मैं बीते वर्षों पर दृष्टि करता हूँ तो मैं पाता हूँ कि दूसरे विश्वाससियों के साथ घनिष्ठ संगति के द्वारा परमेश्वर के साथ मेरी चाल में मुझे बहुत सहायता मिली है। जब मैं जर्मनी में पासबान था तो परमेश्वर ने मुझे एक वकील मित्र दिया जिसने मुझे वह बनने के लिए प्रेरित किया जो परमेश्वर चाहता था कि मैं बनूँ। जब मैं रोमानिया गया तो वहाँ परमेश्वर ने मुझे एक रोमानी डॉक्टर मित्र दिया जिसने मुझे उत्साहित किया कि मैं पूरे राष्ट्र तक सुस्माचार लेकर जाऊँ। उसने मुझे मेरे बोलने की शैली और वार्तालाप के तरीके को सुधारने में मेरी सहायता की।
परमेश्वर के प्रेम में कार्यरत निर्देशकों का हमारा एक बोर्ड है जिसके सामने मैं इस सेवकाई को लेकर उत्तरदायी हूँ। वह ऐसे व्यक्तियों का एक समूह है जो परमेश्वरसे और मुझसे प्रेम करते हैं। परन्तु वह कठिन मुद्दों के विषय में मुझसे बात करने में नहीं हिचकिचाते। कुछ महीने पहले, मैंने उनसे कहा कि वह मुझे ईमानदारी के साथ बताएँ कि मसीह के लिए और अधिक प्रभावशाली बनने के लिए मुझे क्या करने की आवश्यकता है। उन्होंने ऐसा ही किया और यह, अच्छे रूप में, मेरे उत्साह को तोड़ देने वाला था। मुझे मेरे जीवन के कुछ क्षेत्रों में और अपने अगुवेपन में टूटना आवश्यक था। वह मुझसे प्रेम करते थे इसलिए उन्होंने मुझसे स्पष्ट बात की।
ऐसे ही ईमानदार और पारदर्शी सम्बन्ध हमें वह बनने की क्षमता देते हैं जो परमेश्वर चाहता है कि हम बनें। मैं पूरी तरह से यह मानता हूँ कि हम सब को अपने आस-पास लोगों के ऐसे छोटे समूहों की आवश्यकता होती है जो यीशु से और हमसे प्रेम करते हों, जो हमसे इतना प्रेम करते हों कि हमसे कठिन बातें भी कर सकें। ऐसे सम्बन्धों के तीन गुण होते हैं। पहला, हमें ऐसे लोगों के साथ संगति की आवश्यकता है जो परमेश्वर से प्रेम करते हैं, ऐसे लोग जो हमें पूर्ण हृदय से परमेश्वर से प्रेम करने के लिए प्रेरित करें।
दूसरा, हमें ऐसे लोगों के साथ संगति की आवश्यकता है जो हमसे प्रेम करते हों। मैं अपने निर्देशकों से मुझ में सुधार की बातों को इसलिए स्वीकार कर सका क्योंकि मैं जानता था कि वे मुझसे प्रेम करते हैं। मैं जानता था कि जो वे मुझसे कह रहे थे वह इसलिए नहीं कह रहे थे क्योंकि वे मेरे साथ क्रोधित थे या “वे मुझे मेरी औकात दिखाना चाहते थे।” मैं जानता था कि वे मुझे मेरी कमियाँ इसलिए दिखा रहे थे क्योंकि उन्हें सचमुच मेरी चिन्ता थी। अंत में, हमें ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो हर हाल में हमारे साथ ईमानदार रहें। हर किसी को ऐसा नहीं लगेगा कि वह इतना खुलकर और ईमानदारी के साथ बात कर सकते हैं। परन्तु हर मसीही को किसी व्यक्ति या लोगों के ऐसे किसी समूह की आवश्यकता है जो हमसे इतना प्रेम करते हों कि हमारी गलतियों को सुधार सकें।
यीशु ने कहा, “जहाँ दो या तीन मेरे नाम में इकट्ठे हों, वहाँ मैं उनके साथ होऊँगा” (मत्ती 18:20)। यदि आप सच्ची विजय का अनुभव करना चाहते हैं तो ऐसे दो या तीन लोगों को ढूँढें जो यीशु से वैसे ही प्रेम करते हों जैसे आप करते हैं। लगातार उनके साथ इकट्ठे हों और मिलकर परमेश्वर को खोजें। एक दूसरे के साथ खुलकर बात करें, ईमानदार और पारदर्शी रहें। परमेश्वर आप में और आप के द्वारा कार्य करेगा। आप उसके अनुग्रह में बढ़ेंगे और परमेश्वर के साथ अपनी चाल में विजय के और भी ऊँचे स्तर तक पहुँचेंगे।
ਮੱਤੀ 18 :18-22
मैं तुम से सच कहता हूं, जो कुछ तुम पृथ्वी पर बान्धोगे, वह स्वर्ग में बन्धेगा और जो कुछ तुम पृथ्वी पर खोलोगे, वह स्वर्ग में खुलेगा।
19फिर मैं तुम से कहता हूं, यदि तुम में से दो जन पृथ्वी पर किसी बात के लिये जिसे वे मांगें, एक मन के हों, तो वह मेरे पिता की ओर से स्वर्ग में है उन के लिये हो जाएगी। 20क्योंकि जहां दो या तीन मेरे नाम पर इकट्ठे होते हैं वहां मैं उन के बीच में होता हूं॥ 21तब पतरस ने पास आकर, उस से कहा, हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूं, क्या सात बार तक?
22यीशु ने उस से कहा, मैं तुझ से यह नहीं कहता, कि सात बार, वरन सात बार के सत्तर गुने तक।
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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