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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

शिष्यता का दैनिक वीडियो

सेमी  टिप्त : मैं डॉक्टर वाटमोर के साथ आपका प्रतिदिन के पाठ में स्वागत करता हूं।  उनकी पुस्तक आपके लिए बहुत बड़ी आशीष रही होगी।  हम कुछ सिद्धांतों के ऊपर चर्चा कर रहे थे और उनकी पुस्तक में से कुछ सज्जनों को देख रहे थे और मैं सोचता हूं आज आपके पास कुछ होने वाला है जो आपके लिए बहुत ही सहायक होगा।  हम जहां रिश्तों की बात कर रहे हैं और मैं जानता हूं कि आदमी रिश्तों के साथ संघर्ष करते हैं।

हम  थोड़ा पीछे जाएं और हम ऊपर हम कल बात कर रहे थे।  हम शिक्षा देने वाले रिश्ते और लेखा लेने के विषय में बात कर रहे थे।  हमारे पुराने रिश्ते हमारे आज के जीवन के ऊपर कैसे प्रभाव डालते हैं?  दूसरे शब्दों में यदि एक पुरूष का उसके पिता के साथ अच्छा रिश्ता हो और मैंने एक सर्वेक्षण सुना था कि 95% आदमी जो जेल में हैं उनके उनके पिता के साथ अच्छे रिश्ते नहीं थे। इसके विषय में थोड़ी बात करें।

वॉल्ट: जो बुरे रिश्ते हैं वह हमारे पूरे जीवन को नुकसान दे सकते हैं।  परंतु वचन के अनुसार वह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जाते हैं।  पिता की बुराई चौथी पीढ़ी तक जाती है।  और यदि हम पुरुष कोई योजना नहीं बनाते हैं,  कि हम इस साइकिल को तोड़े तो यह ऐसे ही चलता जाएगा।

दो बातें हैं जो मैंने पाई है जिसके द्वारा यह साइकिल टूट सकता है।  लोगों को माफ करना जिन्होंने हमें हमारे जीवन में ही दुखी किया है।  और उस क्रोध को आगे नहीं ले कर जाना उस कड़वाहट को आगे नहीं ले कर जाना,   नहीं तो यह हमारे प्रत्येक रिश्ते के ऊपर प्रभाव डालेंगे यदि हम उसको नहीं तोड़ते हैं।  और बाइबल कहती है कि परमेशवर हमें उतना ही माफ करेगा जहां तक हम दूसरों को माफ कर दे।

आत्मिक तंदुरुस्ती माफ़ी के साथ शुरू होती है।  रिश्तो की तंदुरुस्ती हमारे माफ करने के ऊपर केंद्रित है। यह हमारे  भावनात्मक जीवन और शारीरिक जीवन को प्रभावित करती है।  एक मनुष्य के लिए अकेले रहना बहुत ही कठिन है और कई बार हमें किसी कोच की आवश्यकता होती है।  या कोई पासटर हो सकता है,  कोई क्रिश्चियन काउंसलर हो सकता है।  मैं जहां पर किसी मनोचिकित्सक की बात नहीं कर रहा परंतु कोई ऐसा हो जो आपकी सहायता करें कि आप दूसरों को क्षमा कर सकें

और उसके पश्चात हम अपने रिश्तों को तंदुरुस्त बनाने के ऊपर समय व्यतीत करें।  एक भाइयों का समूह है जिसके साथ मैं  मिलता हूं और उसमें एक व्यक्ति बुजुर्ग व्यक्ति है। और उसे पता चला कि उसके लड़कों के साथ उसके संबंध अच्छे नहीं हैं। उसने अपने इस रिश्ते में ज्यादा समय व्यतीत नहीं किया था और वह बहुत ही क्रोधित व्यक्ति था और उसका रिश्ता उसके लड़कों के साथ टूट गया था।

उसने इन रिश्तो को सुधारने का निर्णय लिया और जैसे उसने किया,  वह उनके पास हवाई जहाज पर गया।  वह उनके साथ सिर्फ एक कॉफी का कप  पीना चाहता था और वह उनके सामने अंगीकार करना चाहता था कि उसने गलत किया है।  और वह उनसे क्षमा मांगना चाहता था उसने कहा कि मैं तुम्हारी माफ़ी की के योग्य नहीं हूं और यदि तुम मुझे क्षमा ना करना चाहो तो यह भी ठीक है परंतु मेरे लिए जरूरी बात यह है कि मैं चाहता हूं कि मैं आपके सामने माफी मांगू जो काम मैंने गलत किए हैं और मैं आपसे माफी मांगना चाहता हूं।॰॰

वे दोनों लड़के रोने लगे और वह उनकी आयु 30 वर्ष से अधिक थी और वह आंसू बहाने लगे और उन्होंने अपने पिता को माफ कर दिया और जहां पर एक रिश्ते की बहाली हो गई और क्योंकि  उस व्यक्ति ने थोड़ा समय इस जीवन में इस रिश्ते के ऊपर व्यतीत किया था और इसके द्वारा उसके शारीरिक उ रिश्ते तंदुरुस्त हो गए।

सेमी: मैं आपसे एक प्रश्न पूछना चाहता हूं  मैं आप से पूछना चाहता हूं जो हम,  अगलेजो हमारे अगले पाठ  की ओर हमें लेकर जाएगा । मेरे पिताजी घर में नहीं होते थे, अपनी बीमारी के कारण वह अस्पताल में ज्यादा होते थे घर में कम होते थे।  और जब मेरी शादी हो गई तो मेरे पिताजी की मृत्यु हो चुकी थी मेरे भीतर एक बात थी।  मेरा एक परिवार था और मुझे नहीं पता था मैं इसे कैसे चलाऊं मुझे नहीं पता था मैं परिवार का सामना कैसे करूं मैं कैसे अच्छा पिता बन सकता हूँ।

परंतु मैंने अपना रिश्ता मेरे स्वर्गीय पिता से लिया और मैंने पितापन को पढ़ना शुरू किया और यही मेरी शिक्षा की भूमि बन गया।  आप इसके ऊपर क्या थोड़ा सा बोल सकते हैं और क्या आप इसके लिए कोई सहायता दे सकते हैं ? क्या लोगों का परमेश्वर के प्रति एक गलत दृष्टिकोण है?  और हम इसे कैसे देख सकते हैं?

वाल्ट : यदि हमारा परमेश्वर के प्रति गलत दृष्टिकोण है तो यह हमारे जीवन के हर एक हिस्से को प्रभावित करेगा और एक तरीका है जिसके द्वारा हमारी आत्मिक तंदुरुस्ती, हमारे रिश्तो की तंदुरुस्ती कौर हमारी मानसिकता तंदुरुस्ती  और शारीरिक तंदुरुस्ती  को प्रभावित करती है। और चाहे बाइबल के द्वारा हो,  चाहे पुस्तकों के पढ़ने के द्वारा हो,  हमें हमारे स्वर्गीय पिता की अच्छी समझ होनी चाहिए और उसके पश्चात हमें अपने पृथ्वी के पिता को माफ करना चाहिए।

रे मेरे पास कुछ लोग आए हैं जिन्हें मैं कहता हूं कि वह  उन सभी बातों को लिखें जिनके लिए वह उनके पिता से खेदित  हुए है और इस क्रिया के दौरान वह उन्हें माफ कर पाते हैं।  शायद उनके पिताजी अभी जीवंत न हो परंतु उसके पश्चात मैं उन्हें  कहता हूँ,  कि वह उस सूची जो  आपने बनाई है इसे आप जला  दे और आप इसे अपने पीछे फेंक दे।

उसके पश्चात हम अपने स्वर्गीय पिता के साथ अपने रिश्ते में आगे बढ़े और उसे कहें कि वह हमें एक अच्छा पिता बनाएं एक अच्छा पति बनाएं एक अच्छा दोस्त बनाए । एक अच्छा कर्मचारी बनाए,  अच्छा पड़ोसी बनाए और हमें हमारे रिश्ते में आगे बढ़ने में सहायता दें कि हम उसे और भी अच्छी तरह से जान सके और वैसा बन सके जैसा वह हमें बनाना चाहता है।

यूहन्ना 13:31-35

जब वह बाहर चला गया तो यीशु ने कहा; अब मनुष्य पुत्र की महिमा हुई, और परमेश्वर की महिमा उस में हुई। 32 और परमेश्वर भी अपने में उस की महिमा करेगा, वरन तुरन्त करेगा। 33 हे बाल को, मैं और थोड़ी देर तुम्हारे पास हूं: फिर तुम मुझे ढूंढोगे, और जैसा मैं ने यहूदियों से कहा, कि जहां मैं जाता हूं, वहां तुम नहीं आ सकते वैसा ही मैं अब तुम से भी कहता हूं। 34 मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। 35 यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो॥

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

सम्पर्क करें: info@sammytippit.org

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