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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

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टुटा सम्बंध – प्रार्थना के लिए रुकावट

मेरी पत्नी और मैंने कई साल पहले सहमती की थी हम हमारे बिच कभी भी असहमति रखकर नही सोएगे. बहुत बार हमने ये समर्पण निभाया है. लेकिन फिर भी, ऐसा वक्त रहा है जब हम इसे नही निभा पाएं.  विवाह के प्रारंभिक दिनों में किसी बात पर हम सहमत नही थे. अब इतने साल बीत गए हैं कि मुझे याद नही आ रहा है कि वो बात क्या थी. लेकिन मुझे इतना याद है कि मैंने मजबूती से महसूस किया कि वो गलत है और मै सही हूँ. जब उस रात हम सोने जा रहें थे तो मै बहुत गुस्से में था.

जैसे मै सोने की कोशिश कर रहा था, एक अजीब बात हुई. अब याद आया, मै उस बहस के बारे में पूरी तरह से सहमत था कि मै सही हूँ और वो गलत है. लेकिन वो तुरंत सो गई, “परमेश्वर की उस शांति के साथ जो समझ से परे है.” और मै कई घंटो तक करवट बदलते रहा. क्या हो रहा है उस पर मै विश्वास नही कर पाया.

मै परमेश्वर से बहस करने लगा. मैंने कहा, “ये सही नही है, वो गलत थी और मै सही था.तो इसके पास इतनी शान्ति क्यों है, और मै क्यों परेशान हूँ?” मै परमेश्वर से बहस करने लगा कि ये तो इस के विपरीत होना चाहिए. ख़ैर, जब मै बहुत थक गया और प्रभु से नही लढ़ पाया, तब परमेश्वर मेरे दिल से बात करने लगा.

“तुम्हारी पत्नी में कोई समस्या नही है.” जैसे मानो वो मेरे दिल से कह रहा था. “ये तुम्हारी मनोदशा है.”

मै टूट गया. मैंने जाना कि मेरे घमंड ने मेरी पत्नी के साथ और मेरे प्रभु के साथ मेरी संगती तोड़ दी. मैंने उस रात महान सीख सीखी – ऐसा नही हो सकता कि आप परमेश्वर के साथ संगती रखे और अपनी पत्नी के साथ संगती न रखे. वास्तव में, ऐसा नही हो सकता कि आप परमेश्वर के साथ नजदीकी सम्बंध रखे और मसीह मे अपने भाई या बहन के साथ टुटा हुआ संबंध रखे.

परमेश्वर के साथ मेरा मेल नही था क्योंकि मेरी पत्नी के साथ मेरा मेल नही था. अतं में, मैंने उसे जगाकर कहा, “हनी, मुझे माफ करो, गलती मेरी ही थी. प्लीज़ मुझे माफ करो.”

उसने कहा, “जरूर” और तुरंत ही वो फिर से सो गई. और मैंने प्रभु के साथ शान्ति पाई और उसके साथ मेरा संबंध फिर से सही हो गया.

बहुत से लोग प्रार्थना करने की कोशिश करते है, लेकिन ऐसे दिखाई देता है कि परमेश्वर बहुत दूर है. हम अब परमेश्वर के साथ नजदीकी का संबंध नही रखते है, क्योंकि हम ने दूसरों के साथ जो गलत किया था उसे सही करने के लिए समय निकलना होगा.

यीशु ने कहा, “ इसलिए, यदि तू अपनी भेंट वेदी पर लाए, और वहाँ तू स्मरण करे कि तेरे भाई के मन में तेरे लिए कुछ विरोध है, तो अपनी भेंट वही वेदी के सामने छोड़ दे, और जाकर पहले अपने भाई से मेल-मिलाप कर और तब आकर अपनी भेंट चढा” (मत्ती ५:२३,२४). अगर हम प्रभु से महान सामर्थ पाना चाहते है तो हमे मसीह मे हमारे भाइयों और बहनों से महान संबंध रखना होगा.

इसके पहले कि आप प्रार्थना मे कमरे मे जाएं, क्यों न उस व्यकित के पास जाए जिस के साथ आपका सही संबंध नही है. इससे प्रार्थना के गुप्त स्थान मे फर्क जरूर आ सकता है.

1 पतरस 3 :5-12

5और पूर्वकाल में पवित्र स्त्रियां भी, जो परमेश्वर पर आशा रखती थीं, अपने आप को इसी रीति से संवारती और अपने अपने पति के आधीन रहती थीं। 6जैसे सारा इब्राहीम की आज्ञा में रहती और उसे स्वामी कहती थी: सो तुम भी यदि भलाई करो, और किसी प्रकार के भय से भयभीत न हो तो उस की बेटियां ठहरोगी॥ 7वैसे ही हे पतियों, तुम भी बुद्धिमानी से पत्नियों के साथ जीवन निर्वाह करो और स्त्री को निर्बल पात्र जान कर उसका आदर करो, यह समझ कर कि हम दोनों जीवन के वरदान के वारिस हैं, जिस से तुम्हारी प्रार्थनाएं रुक न जाएं॥ 8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो। 9बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो। 10क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे। 11वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे। 12क्योंकि प्रभु की आंखे धमिर्यों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है॥

ਪਰ ਪ੍ਰਭੂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਹੈ ਜਿਹੜੇ ਬਦੀ ਕਰਦੇ ਹਨ।”

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

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