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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

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  बाइबल और प्रार्थना

   १ यूहन्ना ५:१४–१५

सैमी: मैं आपका स्वागत  इस सेशन में करना चाहता हूं , जहां हम डेव बटस  के साथ प्रार्थना के विषय में बात कर रहे हैं।  डेव  हार्वेस्ट  प्रार्थना  मिनिस्ट्री के  प्रेसिडेंट हैं औरयू ऐस  नेशनल प्रार्थना कमेटी के चेयरमैन हैं।  वह मेरा एक प्यारा मित्र है।  और जैसे मैंने हमारे पिछले सेशन में आपके साथ बांटा था,  उन समयों  के विषय में,  जो हमने इकट्ठे बिताए थे।

और हम पिछले सेशन में आत्मिक  युद्ध के विषय में बात कर रहे थे।  और डेव एक बहुत ही महत्वपूर्ण सच्चाई का एक उदहारण वचन में से लेकर आए थे।  और मैं सोचता हूं कि यीशु के जीवन परीक्षा और कैसे उसने परीक्षा का सामना किया है, इसके विषय में बात करनी चाहिए। हम देखते हैं कि यीशु परमेश्वर का वचन है।  और जब उसने वचन में से बात की जो कि  परमेश्वर का वचन है और यह बहुत ही अनिवार्य है।  इसी लिए डेव मैं थोड़ा सा इसके विषय में बात करना चाहता हूं । परमेश्वर के वचन की प्रार्थना में भूमिका।

मैंने रोमानिया में कई वर्षों तक भ्रमण किया है । और सताव के दिनों में जिस बात के  ऊपर पाबंदी थी,  वह था वचन।  और मैंने देखा कि उन दिनों में दो बातें रोमानिया के विश्वासियों के लिए बहुत ही जरूरी थी।  एक ही प्रार्थना। आप सभा के  शुरू होने से एक घंटा पहले वहां जाते थे,  और आप लोगों को प्रार्थना करते हुए देखते थे।  मेरा अर्थ है,  चर्चे  भरी हुई होती थी और इसी लिए प्रार्थना बहुत ही आवश्यक है।  परंतु दूसरी बात ही परमेश्वर का वचन।

आप 1 घंटे के लिए प्रचार करो 2 घंटे के लिए प्रचार करो।  मेरा अर्थ है कि वह परमेश्वर के वचन के लिए भूखे थे।  मैं सोचता हूं कि यह दो बातें ही आपस में जुड़ी हुई हैं।  यह  कैसे जुड़ी हुई हैं?  वचन और वचन की प्रार्थना वचन का दावा  करना और परमेश्वर के वचन के वायदों का और जो कुछ भी हम बात कर रहे हैं,  इन सब का क्या महत्व है ? वचन की प्रार्थना में क्या भूमिका है?

डेव बटस : यह एक बहुत ही महान प्रशन है।  और मैं आपको एक व्यक्तिगत बात बताता हूं । मेरे जीवन में प्रार्थना के व्यक्ति होने के रूप में एक मुख्य हिस्सा है,  वचन की प्रार्थना करना सीखना । मेरे लिए यह बात बहुत ही अनिवार्य है। परमेश्वर के वचन की प्रार्थना करना सीखना , वचन को मेरी प्रार्थना बनाना और यह मेरे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण रहा है।

सैमी: मैं जानता हूं आप इसका विवरण देने जा रहे हैं।

डेव : हां मैं यही करने जा रहा हूं।

सैमी: आएँ,  सुनते हैं,  इसका क्या अर्थ है।

डेव: ठीक है वास्तव में इसका अर्थ है,  कि यदि मैं प्रार्थना का प्रभावशाली व्यक्ति बनने जा रहा हूं,  तो मुझे परमेश्वर की इच्छा के अनुसार प्रार्थना करनी सीखनी होगी।  और यह वचन की प्रतिज्ञा है।

सैमी: १ यूहन्ना ५:१४-१५ में यूहन्ना यही तो कहता है।

डेव: १ यूहन्ना ५:१४-१५ में यूहन्ना यह कहता है, “ यदि हम उसकी इच्छा अनुसार कुछ भी मांगते हैं “ और जो सबसे कठिन हिस्सा है,  उसकी इच्छा अनुसार माँगना।  “ जो भी हम मांगते हैं, हम जानते हैं कि वह हमारी विनती के अनुसार हमें उत्तर मिल जाता है और जो भी हम उसे चाहते हैं”।  समस्या यह है कि हम परमेश्वर की इच्छा को कैसे जानेंगे?  परमेश्वर के वचन के पन्नों से ज़्यादा अच्छी तरह से  हम कहीं भी परमेश्वर की इच्छा को नहीं जान सकते हैं।

जब मेरे हाथ में वचन है तो उसकी कुछ पंक्तियां मेरे मन में रहती हैं,  और मैं वचन के अनुसार प्रार्थना करनी शुरू कर देता हूं।  और मैं देखता हूं कि मेरी प्रार्थना पिता की इच्छा अनुसार हो जाती है।  परमेश्वर के पास आने की बजाय यह कहने की बजाय, कि परमेश्वर आप जानते हैं कि मैं इसके विषय में यह सोच रहा था।  मेरे पास यह विचार है। मैं परमेश्वर के पास आता हूं और उसे कहता हूं, परमेश्वर आप ने यह कहा है,  आपका वचन यह कहता है कि आप अपने वचन को पूरा करेंगे । और जहां एक बहुत ही अच्छी बात है,  वचन ऐसे लोगों के साथ भरा हुआ है,  जो वचन के अनुसार प्रार्थना करते हैं । और यह बाइबिल में भी है।  यह पूर्ण बाइबिल में पाया जाता है।

सैमी: हां

डेव: आप देखते हैं,  जब  दानियल बाबल  के दासत्व  में था तो वह बहुत चाहता था कि इसराइल के लोग अपने देश में वापस जाएं।  उसने वचन को खोला और उसने यिरमीयाह को पढ़ा।  उसने दानियल की अपनी पुस्तक की प्रार्थना का आधार यिरमीयाह  की पुस्तक को बनाया।  और आप बार-बार देख सकते हैं।  और यीशु ने भी यही कार्य किया।  आप यीशु को क्रूस के ऊपर भी वचन के अनुसार प्रार्थना करते हुए देख सकते हैं।

सैमी: हां यह सही है

डेव: यह एक आम बात है,  जो आप देखेंगे।  जो भी आप वहां देखते हैं वह एक तरीका है,  जिसके अनुसार मुझे और आपको और जो हमें देख रहे हैं,  हमें प्रभावशाली ढंग से प्रार्थना करनी चाहिए।  अब एक बात है , जिसने मेरी व्यवहारिक रीति से बहुत ही सहायता की है,  मैं हमेशा उन लोगों से डरता था , जो बहुत लंबी प्रार्थना करते थे।  मैं सोचता था यह कैसे कर लेते है?

सैमी: सही

डेव: मुझे याद है एक बार मैं हाई स्कूल में था और प्रार्थना के ऊपर एक पुस्तक मुझे दी गई।  उसको लेकर मैं  बहुत ही उत्तेजित था।  और मैंने यह  बात को अपने मन में रख लिया कि मैं एक घंटा प्रति दिन प्रार्थना किया करूंगा । मैंने अपने कमरे का द्वार बंद किया,  और मैंने अपनी घड़ी को  उतार लिया,  और मैं बेड  के पास घुटने टेक कर प्रार्थना करने लगा।  और मैंने प्रार्थना की , मैंने प्रार्थना की, और  प्रार्थना की और उसके पश्चात् मैंने अपनी आंखें खोलकर घड़ी की ओर देखा, अभी 5 मिनट ही हुए थे।

मैं अपने घुटनों से उठा और मैं सोच रहा था,  यह लोग घंटो तक कैसे प्रार्थना कर पाते हैं ? अब मैं जानता हूं,  इसलिए नहीं कि मैं प्रार्थना का महान व्यक्ति हूं,  परंतु इस लिए क्योंकि मैंने परमेश्वर के वचन को खोलना सीख लिया है।  और परमेश्वर के हृदय ऊपर जो है उसके ऊपर आधारित उसके साथ बात की जा सकती है।  कि उस का एजेंडा क्या है । आज भी यदि आप मुझे किसी कमरे में अकेले छोड़ दे  और वहां पर मेरे पास कुछ भी ना हो और आप मुझे  कुछ घंटे प्रार्थना करने के लिए कहें,  तो यह मेरे लिए कठिन होने जा रहा है।

परंतु यदि आप मुझे मेरी बाइबल दे दे,  और सेमी मैं  घंटो तक प्रार्थना कर सकता हूं । मैं सोचता हूं कि बहुत से मसीही लोग प्रार्थना करना सीख सकते हैं जब हम परमेश्वर को अनुमति दे रहे हैं।  मैं इस पद का इस्तेमाल करता हूं , कि हम अपनी प्रार्थना को बना सकते हैं।  मैं सीधे रूप से परमेश्वर की भाषा को उसके वचन में से इस्तेमाल करता हूं,  और मेरी प्रार्थनाएँ उसके वचन के द्वारा मेरे मुख से निकल कर उस तक पहुंच जाती है।

मैंने देखा है कि मैं ऐसी बातों के लिए प्रार्थना करता हूं,  जिन के विषय में मैंने पहले कभी सोचा भी नहीं था।  पहले मैं बातों को दुहराता जाता था।  मैं बार-बार वही पुरानी बातों के लिए प्रार्थना करता रहता था। परंतु  जब मैं वचन में से प्रार्थना करता हूँ,  मैं देखता हूं कि मैं ऐसी  बातों के लिए प्रार्थना करता हूं,  जिन के विषय में मैंने पहले कभी सोचा भी नहीं था।  क्योंकि यह ताजा हैं और यह परमेश्वर के वचन में से सीधी निकल कर आती हैं।

सैमी: आएँ  मैं आपसे कुछ पूछता हूं,  मैं सोचना यह बहुत ही महत्वपूर्ण है । और मैं चाहता हूं कि प्रत्येक जान इस बात को अच्छी तरह से समझ ले।  जो बात आप कर रहे हैं।  मैं परमेश्वर के साथ अकेले समय व्यतीत करने के लिए आ जाता हूं,  मेरे पास एक स्थान है जहां पर मैं उस से मिलता हूं । मैं अपनी बाइबल को खोलता हूं,  और इसमें से मैं सिलसिलेवार पढ़ता हूं । क्या  आप यही कह रहे हैं?

डेव: बिल्कुल

सैमी : इसलिए जब मैं पढ़ता हूं, ठीक है मैं यहां पर हूं,  और आए कहते हैं कि मैं भजन 28 को पढ़ता हूं और फिर आप क्या करते हैं ? क्या आप उससे पीछे जाते हैं?  और इस को पढ़ते हैं?  और परमेश्वर के पास आकर प्रार्थना करते हैं, क्या आप यह कह रहे है?

डेव: यह तो सबसे अच्छी बात है।  इसे करने का कोई भी तरीका गलत नहीं है।

सैमी: ठीक है

डेव: इसको करने का कोई भी तरीका गलत नहीं है।  मैं अक्सर ही पढ़ता  हुआ प्रार्थना करता हूं।  और पुस्तक के लेखक के साथ बात करना बहुत ही अच्छा है।

सैमी: तो आप कहते हैं प्रभु मेरे साथ बात कर।

डेव: मैं कहता हूं प्रभु आप इसमें से मुझे क्या सिखाने की कोशिश कर रहे हैं?  और फिर मैं ऊँची आवाज के साथ पढ़ता हूं। और जैसे मैं पढ़ता हूं,  मैं अक्सर ही एक अथवा दो वाक्यों  को पढ़ता हूं और मैं रुक कर परमेश्वर के साथ बात करता हूं । प्रभु मेरी सहायता कर कि  मैं यह समझ सकूं , जो मैंने अभी पढ़ा है।  और अचानक ही मुझे कुछ पकड़ लेता है,  और कुछ सेशन  पहले मैंने उसके ऊपर बात की थी।  भजन 27 को हमने वहां इस्तेमाल किया था।  दाऊद कहता है,  मैं एक ही बात चाहता हूं कि मैं तेरे भवन में जीवन भर वास करूँ।

सैमी: ठीक

डेव: इसलिए मैं उसे पकड़ लेता हूं और प्रार्थना करता हूं । प्रभु यह आप चाहते हैं , जो दाऊद ने कहा यही मैं चाहता हूं । कि मैं तेरे घर में वास करूंगा।  और मैं अपने जीवन के पूरे दिन तेरी सुंदरता को देखता रहूं । तेरे मंदिर  को मैं ढूंढना चाहता हूं और एक बात जिस के साथ मैं  खत्म करता हूं,  कि प्रभु मेरी सहायता कर कि मैं समझ सकूं मैंने क्या प्रार्थना की है।

सैमी : ठीक है

डेव: देखे हम यह कर सकते हैं।  और हम वास्तव में ईमानदार हो सकते हैं । यह कोई विचार नहीं है कि हम धार्मिक रीति से ऐसे ही करें।  क्योंकि ऐसे शब्द को हम जोड़ेंगे, और परमेश्वर के वचन को अपने मन का हिस्सा बनाएंगे और हमारी प्रार्थना का हिस्सा भी बनाएंगे और यह हमारी प्रार्थना करने के ढंग को बदल देगा।

सैमी: एक बात  जो मैंने देखी है कि आप इस के विषय में खुले हृदय के साथ रहें,  ना की कोशिश करते हुए,  ठीक है यह मेरा विचार है मैं वचन को लागू करने जा रहा हूं।  मैं परमेश्वर के पास आकर यह कहता हूं परमेश्वर मैं सिर्फ तेरे से बात करना चाहता हूं । मैं चाहता हूं कि आप मुझसे बात करें और यह एक रिश्ता है जिसके विषय में हम बात करते हैं

डेव: बिलकुल ठीक

सैमी: जब  मैं यह करता हूँ  तो उसका वचन बाइबिल में से छलांग लगा कर मेरे हृदय में आ जाएगा।

डेव: हां

सैमी: एक बात के साथ मैं लोगों को उत्साहित करता हूं कि वह यह करें।  और मैं आपको भी उत्साहित करूंगा कि आप ऐप    ऊपर इस बात के ऊपर निशानी लगा लें,  आप इसे टाइप कर सकते हैं और कह सकते हैं आने वाले सप्ताह में मुझेयह  भेज दीजिए,  मैं इसको और जानना चाहता हूं।  परंतु आप परमेश्वर के वचन को ले,  परमेश्वर आपके साथ बात करें यह  दोनों ओर से  बातचीत है और आप परमेश्वर से बात कर रहे हैं और वह आपसे बात कर रहा है।  यह इसी के विषय में है, उसको जानना और उससे प्रेम करना।

1 यूहन्ना 5 :11-15

11और वह गवाही यह है, कि परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है: और यह जीवन उसके पुत्र में है।

12जिस के पास पुत्र है, उसके पास जीवन है; और जिस के पास परमेश्वर का पुत्र नहीं, उसके पास जीवन भी नहीं है॥

13मैं ने तुम्हें, जो परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास करते हो, इसलिये लिखा है; कि तुम जानो, कि अनन्त जीवन तुम्हारा है।

14और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है।

15और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उस से मांगा, वह पाया है।

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

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