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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

शिष्यता का दैनिक वीडियो

तुम्हारे मन की कड़वाहट

क्या तुम ने सोचा हैं कि लोंगो के आपस में एकजुट रहने में इतना कठिन समय क्यों होता हैं, सर्बीया के लोग बोसनीया के लोंगो को और बोसनीया के लोग सर्बीया के लोंगो क्यों मारते थे, शायद यही कारण होगा कि जिसकी वजह से आज हमारी गलियों में जुल्म होता हैं या हमारे घरों में बीती हुई कुछ सदियों से ज्यादा तलाक हो चुके।

दो बातें मुख्य दोषी हैं जो हमारे दिलों में और लोंगो के जीवनों में व देशों में तबाही मचाती हैं, दोष की भावना और कड़वाहट। दोष जो हमने गलत काम किया होता हैं वहां से भावना और कड़वाहट पैदा होती हैं। जो लोंगो ने हमारे साथ गलत किया होता हैं। सबसे हैरानी की बात इन दोषियों के बारे में यह हैं कि यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी बहुत ही आसानी से चली जाती हैं।

युगोसलावीया के टूटने से कुछ समय पहिले, मैंने पूरे देश में एक पास्टर कान्फै्रंस युगोसलावीया में करनी थी। जब मैं बैलरग के हवाई अड्डे पर पहुंचा तो मैंने एक कार रेन्टल के स्थान पर एक मैनेजर से बात करनी शुरू कर दी। उस ने मुझ से पूछा कि क्या मैंने अमेरिका की खबरों में सर्बीया और क्रोशियन लोंगो के बीच में जो झगड़ा होता हैं। उसके बारे में सुना हैं पर मैं ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर बातचीत करने से बचना चाहता था। क्योंकि यह एक राजनीतिक मुद्दा था पर वह अपनी भावना को बताए बिना मुझे जाने नहीं देना चाहता था। उस ने मुझ से कहा, “मैं सर्बीया का हूँ  क्रोशियन लोग मेरे मित्र हैं इन में से कुछ लोग तो मेरे शादी की पार्टी में आए थे”। उसका चेहरा अचानक ही बदल गया और वह कहने लगा, “पर मैं उनको एक मिनट में मार दूंगा”।

मैं दंग रह गया और मैंने उससे पूछा, “क्यों? मैं विश्वास नहीं कर सकता जो उसने उसके बाद कहा वह मुझ से छोटी आयु का था। जिसका अर्थ हैं कि दूसरे विश्व युद्ध के समय वह भी छोटा सा बच्चा था। उसने कहा दूसरे विश्व युद्ध में क्रोशिया के लोंग नाजियां के तरफ थे।

मैंने उसे रोका, पर तू और तेरे क्रोशियन मित्र उस समय जीवत नहीं थे। तू अब क्यों उनको मारेगा, उसके मन में से कड़वाहट निकलनी शुरू हो गई थी। उस समय मैंने जीवन की कुछ महान सच्चाईयों को पहचाना। जो कुछ भी हम अपने मनों में रखते हैं, बुरा या भला अंत में यह हमारे बच्चों में और नाती-पोतों में भी होगा। तुम अपने बच्चों के लिए कैसा भविष्य छोड़कर जाओगे, क्या माफ करना और शांति या दोष और कड़वाहट। इसका पता जो तुम्हारे दिल में हैं उससे चलेगा। हम में से हर एक को “भजन संहिता“ लिखने वाले के साथ प्रार्थना करनी चाहिए।“ हे परमेश्वर मेरे अन्दर एक शुद्ध मन उत्पन कर“। (भजन संहिता 51-10) इस प्रार्थना का फल शायद आपके बच्चों में नजर आएगा।

भजन संहिता 51 :1-10

1हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे। 2मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर! 3मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है। 4मैं ने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे। 5देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा॥ 6देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा। 7जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा। 8मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं। 9अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल॥ 10हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

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