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व्यस्थ होना – प्रार्थना का चोर
जैसे मै पुरे संसार में सुसमाचार की घोषणा करते हुए यात्रा करता हूं, मैंने विश्वासियों में एक बड़ा चोर पाया है जो परमेश्वर के लोगों के दिल में धीरे से घुस आता है. इस चोर ने मसीह के अनुयायियों की और से सबसे सामर्थी हथियार चुरा लिया है – प्रार्थना का सामर्थी हथियार. शायद इस चोर ने चर्च के दूसरे किसी भी परिचित शत्रु से ज्यादा मसीह की देह को लुटा है.
मुझे आपको ये समझकर बताने दे की ये चोर कौन है. हमारे पास एक मनुष्य है जिन्हें मै “चेला” कहुंगा, उसके जीवन में विजय होने के लिए उसके पास सबकुछ है. उसके पास स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार और सामर्थ है, साथ ही हर शत्रु को हराने के लिए आत्मिक हथियार हैं. उसके पास परमेश्वर के सारे हथियार हैं – सत्य, धार्मिकता, विश्वास, उद्धार और शांति. यहाँ तक कि उसके पास सामर्थी तलवार है जिसे परमेश्वर का वचन कहते है. कोई भी हथियार इतना सामर्थी नही है कि “चेले” को हरा दे. लेकिन साथ ही उसकी एक जिम्मेदारी है. उसे हर सुबह खुद इसे पहनना होगा, परमेश्वर के सारे हथियार पहनने होगे.
दूसरी तरफ एक खतरनाक व्यक्ति है जिसे मै “शत्रु” कहूंगा. वो ये जानता है की “चेले” की तुलना में वो कुछ नही है. “चेले” ने पहने हथियार को तो बेध नही सकता है. “चेले” को हराने के लिए “शत्रु” को एक योजना बनानी होगी. इसलिए वो अपने के खतरनाक कमांडर को नियुक्त करता है कि “चेले” को नाश करने के लिए योजना बनाए. उस कमांडर का नाम है “व्यस्त होना.”
एक दिन “व्यस्त होना” “चेले” के पास जाकर कहता है, “मै तुम्हें कुछ गलत करने के लिए विवश नही करुंगा. मै नही चाहता कि तुम व्याभिचार करो. मै नही चाहता कि तुम किसी की हत्या करो. सच में, मै चाहता हूँ कि तुम केवल अच्छे काम करो. आओ, जीवन में बहुत से अच्छे काम करने में व्यस्थ हो जाएं – काम में व्यस्त, स्कुल में व्यस्त, चर्च में व्यस्त, खुद का मनोरंजन करने में व्यस्त. आओ, हम खुद को व्यस्त रखे.”
“चेला” केवल परमेश्वर को प्रसन्न करना चाहता है और वो कभी अपनी पत्नी को धोका देने या किसी की हत्या के बारे में नही सोचता है. इसलिए इसे उसे ये सही सुनाई देता है. वो बहुत से अच्छे काम करने में व्यस्त हो जाता है – चर्च में पूरी तरह से व्यस्त होना, परिवार को अच्छी चीजे देने के लिए बहुत मेहनत करना, फुटबोल खेलने जाना, सॉकर खेलना, थेटर में जाना और उसे खुश करने के लिए और भी दूसरी जगह जाता है.
एक दिन “शत्रु” उसे के पीछे से आकर हमला करता है. “चेला” नाश हो जाता है क्योंकि परमेश्वर के सारे हथियार पहनने के लिए उसके पास समय नही था. वो इतना व्यस्त हो गया था कि उस के समय सारणी में प्रार्थना करने के लिए कुछ समय नही था. वो क्रियाओं से भर गया – अच्छी क्रियाओं में, दिनभर में उसके पास परमेश्वर के सुरक्षा के हथियार पहनने के लिए कोई समय नही है. वो “शत्रु” के तीरों के सामने बेबस रह गया. एक दिन वो जागकर देखता है कि वो ऐसे काम कर रहा है जो उसने कभी सपने में भी नही सोचे थे. वो पूरी तरह से हार गया है.
ये केवल एक दृष्टांत है, लेकिन आज ये बहुत से विश्वासियों की दशा है. बहुत से विश्वासी हार में है – इसलिए नही कि वो पाप के रास्ते पर हैं, परन्तु इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने जीवन से परमेश्वर को निकल दिया. परिणाम स्वरूप, चर्च के प्यु ऐसे लोगों से भरे हैं जो सामर्थहिन हैं. वो ऐसे बिना दांतवाले शत्रु से हार गए हैं, जिसने अपनी सारी सामर्थ और शक्ति का उपयोग विश्वासी पर किया है. इसलिए, शत्रु धीरे से और धोके से मसीह के अनुयायियों से परमेश्वर के सुरक्षा के हथियार हटा देता है, और वो खुद को हारा हुआ देखते हैं.
हर विश्वासी के पास मसीह में जयवंत होने के लिए सबकुछ है. उसे केवल परमेश्वर के पूरे हथियार पहनने होगे. संक्षिप्त में, इसका मतलब है प्रार्थना में परमेश्वर के साथ रहने के लिए समय निकलना होगा. प्रार्थना ही व्यवहारिक तरीका है जिसके द्वारा हम परमेश्वर के सारे हथियार पहन सकते है. क्यों न आज आप परमेश्वर के साथ अकेल में कुछ समय बिताए. अपनी बाइबल खोलिए. परमेश्वर के वचन खोलकर पढे. प्रभु से आप से मुलाकात करने के लिए कहे. खुद वस्त्र पहने सत्य, धार्मिकता, विश्वास, शांति और उद्धार के. “व्यस्त होने” को आपको हार के मार्ग में न ले जाने दे. याद रखिए, प्रभु बड़े प्यार से हम से कहता है – स्थिर होकर जान ले कि मै ही परमेश्वर हूँ” (भजनसंहिता ४६:१०).
इफिसियों 6 :10-13
10निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्त बनो।
11परमेश्वर के सारे हथियार बान्ध लो; कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको। 12क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लोहू और मांस से नहीं, परन्तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से, और उस दुष्टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं।
13इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको।
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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