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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

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एक मिलनी का स्थान

  १ थिस ५:१७

सैमी  टिप्त : मुझे आप के विषय में पता नहीं है परंतु मैंने अपने मित्र डेव बटस  के साथ बातचीत करके बहुत ही आनंद उठाया है, जब मैं उनके साथ प्रार्थना के विषय पर बातचीत कर रहा था। गेम जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा आशीष दी है वह कि आपका इस बात के ऊपर प्रभाव डालना कि परमेश्वर प्रेम है। यह परमेश्वर के द्वारा शुरु किया गया है और यह मेरे लिए बहुत ही ज्यादा अर्थपूर्ण था। मैं जानता हूं कि शायद इसका आपके लिए से भी बड़ा अर्थ हो परंतु मैं थोड़ा सा अब एक कोने पर जाना चाहता हूं और मैं एक व्यवहारिक बात करना चाहता हूं जो की प्रार्थना के ऊपर है। आएँ  प्रार्थना के विषय में बात करते हैं।

आप कहां प्रार्थना करते हैं? क्या आपको इसके लिए चर्च में जाना पड़ता है? क्या आप को किसी मंदिर में जाना पड़ता है? क्या आप को किसी मस्जिद में जाना पड़ता है? आप कहां प्रार्थना करते हैं? प्रार्थना करने के लिए कौन सी जगह सबसे अच्छी है? आइए हम इस के विषय में बात करते हैं और मैं जानता हूं कि पहले से एक महान प्रेरित था। उदाहरण स्वरूप व मसीही लोगों को सताने वाला था और फिर वह प्रभु यीशु से मिला। मैं यशु को ढूंढ़ नहीं रहा था वह तो उन लोगों को मारना चाहता था जो यशु से प्रेम करते थे।  परंतु यीशु ने उसे ढूंढ लिया,  जैसे हम इसके विषय में बात करते हैं।

डेव बटस : यह सही बात है यीशु उसे ढूंढ रहा था।

सैमी: यह सही है और फिर परमेश्वर ने उसे बुलाया कि वह इस अदुभत  संदेश को दुनिया में लेकर जा सके।और फिर वह फिलिपीन में गया और सबसे पहला काम जो उसने किया जब वह इस शहर में गया वह शहर के बाहर गया और बाहर उस जगह पर गया जहां पर एक प्रार्थना का स्थान था। यहूदी प्रार्थना घर पूरे रोमी साम्राज्य में फैले हुए थे।पोलिस वहां प्रार्थना करने के लिए गया और यह क्वेश्चन है जो प्रार्थना की एक विशेष स्थान को दिखाता है। यदि ऐसा है तो मुझे इसका विवरण दें।

डेव: यह सही है और नहीं भी।  यह दोनों हैं , यह उत्तर आपको कैसा लगा?

डेव:  सबसे पहले मैं विश्वास करता हूं कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि हमारे पास एक विशेष स्थान हो। कोई ऐसा स्थान जहां पर हम बाहर जाकर परमेश्वर के ऊपर ध्यान लगा सके। I यीशु ने यह  किया और यदि परमेश्वर के पुत्र को यह करने की आवश्यकता थी तो मैं सोचता हूं कि हमें भी यह करने की आवश्यकता है। मरकुस  1 अध्याय में वह कहता है कि वह सुबह जल्दी उठता था और एकांत स्थान पर जाकर प्रार्थना किया करता था।

धर्मशास्त्र में यह भी लिखा है वह अक्सर ही जैतून के पहाड़ पर जाता था और विशेषकर गतसमनी के बाग़ में। हम अक्सर ही जब से स्थान के विषय में सोचते हैं तो हम प्रभु यीशु के अंतिम दिनों के विषय में सोचते हैं जब वह इस बात में प्रार्थना करने जाता था और जहां पर उसने प्रार्थना की। परंतु वह अक्सर ही इस बाग़  में प्रार्थना करने के लिए जाया करता था। एक फिल्म है जो पिछले वर्ष आई थी जिसका नाम है वार रुम और यह एक महान प्रार्थना के योधे  के बारे में है जिसने अपने घर में एक कमरा बनाया जिसका नाम था वार रूम  और यह प्रार्थना का स्थान था। यह प्रार्थना का स्थान  था।

सैमी : यही तो यीशु  ने कहा,  अपनी कोटड़ी में जाओ।

डेव: निस्संदेह मुझे यह बहुत ही अच्छा लगता है।  मुझे प्रार्थना के स्थानों पर जाना अच्छा लगता है। और मैं सोचता हूं यह बहुत ही मददगार हैं।  यह हमारे ध्यान को भटकने से रोकती हैं।  और हमारे पास कुछ ऐसी बातें होती हैं जो प्रार्थना में हमारी सहायता कर सकती हैं और एक बात है जिसे हमें हमेशा याद रखना चाहिए, वह  यह सच्चाई है,  कि हम जहां पर भी हैं परमेश्वर वहां है और प्रार्थना का स्थान अंततः हम ही हैं।

सैमी: हाँ

डेव: क्योंकि परमेश्वर हमारे साथ है और वह हमेशा हमें अपने साथ चलने के लिए बुला रहा है ताकि हम उसे सुन सके, उसके साथ बात कर सके।  मुझे याद है एक सुसमाचार के वक़्ता  को  कई वर्ष पहले मैंने  सुना था और वह प्रार्थना के विषय में बात कर रहा था और उसे किसी ने पूछा,आप  प्रभु के साथ कब समय व्यतीत करते हैं? और उसने उस व्यक्ति की ओर देखा और उसे कहा जैसे ही तुम मुझे छोड़कर चले जाओगे मैं प्रभु के साथ चला जाऊँगा। उसने वहां पर एक बात कही थी यदि मैं अकेला हूं तुम्हें प्रभु के साथ हूं। चाहे मैं कार चला रहा हूं,  चाहे मैं क्लास रूम में हूं, चाहे मैं काम पर हूं,  चाहे मैं घर में हूं,  यह सभी स्थान  प्रार्थना के स्थान बन सकते हैं। एक मसीही व्यक्ति को यह सीखने की आवश्यकता है कि वह प्रतेक स्थान को ले  और उसे वह प्रार्थना का स्थान बना दे।  अब इसका यह अर्थ नहीं है कि प्रार्थना के विशेष स्थान नहीं होते हैं उदहारण के रूप में,

सैमी: हां परंतु इससे पहले कि आप जहां पर जाएं,  मैं एक बात आपसे कहना चाहता हूं। यह आपके साथ भी संबंधित है कम से कम यह मेरे साथ  वैसे ही है।  व्यवहारिक रीति से मैं इसके द्वारा बहुत सारी निराशा से बच गया। क्योंकि बहुत सारी वस्तुएं हमारे जीवन में होती हैं और मैं यहां इंतजार कर रहा हूं और मुझे यहां इंतजार करने की क्या आवश्यकता है?  परंतु यदि आप परमेश्वर की उपस्थिति में हैं तो आपको परवाह  नहीं कि आप कहाँ  हैं।  आप किसी भी समय उसकी उपस्थिति में जाने के लिए तैयार हो सकते हैं और आप इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।  आप लाखों लोगों के बीच में खड़े होकर भी उसकी उपस्थिति में रह सकते हैं।

डेव: यह ठीक है।

सैमी:  आपके गलीचे पर होने की आवश्यकता नहीं है। आप को घुटने टेकने की आवश्यकता नहीं है।  आप कहीं भी प्रभु तक पहुंच सकते हैं।  और मैं जानता हूं कि आप कहां जा रहे हैं,  परंतु मैं आप से पूछना चाहता हूं कि क्या यह ठीक है?  मैं अपनी पत्नी के साथ यहां आने से पहले बात कर रहा था,  और मैंने अपनी पत्नी से बात की और यह  बहुत ही अच्छी थी।  परंतु पिछली रात मैंने अपनी पत्नी के साथ बातचीत की । हम २ मील तक थलते हुए बातें करते रहे, मैंने और मेरी पत्नी ने वास्तव में बातचीत की।

डेव: यह सही है।

सैमी: मेरा अर्थ है कि हमें अपने दिनों को बांटने की आवश्यकता होती है। तो यह विशेष स्थान जैसे पोलुस के पास था,  जैसे यीशु के पास था,  आपके पास भी हो सकता है।  जहां पर भी आप हैं  उसके साथ ध्यान लगा सकते हैं और मैं सोचता हूं कि प्रतिदिन हमें परमेश्वर के साथ समय व्यतीत करने की आवश्यकता है।

डेव: निसंदेह वह स्थान है जहां पर प्रभु के साथ हमारा रिश्ता गहरा होता है । इन  स्थानों पर हम अलग हो जाते हैं और हम अपना समय सिर्फ उसे देते हैं।

सैमी: ਠੀਕ ਹੈ,

डेव: मैं एक उदहारण इस्तेमाल करुंगा जो आप ने की थी जब मैं और मेरी पत्नी ने हमारी सेव काय को शुरू किया है तो हम दफ्तर में एक दूसरे के सामने बैठते थे मेरा अर्थ है कि उसका में जहां पर था मेरा मेज उसके साथ तो हम अक्सर ही मुड़ कर एक दूसरे के साथ बातचीत करते रहते थे।  पूरा दिन हम बातें करते रहते थे और यह बहुत अच्छा था यह बहुत महत्वपूर्ण था। परंतु हम एक कब्रिस्तान से सिर्फ एक गली की दूरी पर  रहते थे और वहां हमारे अच्छे पड़ोसी थे जो हर वक़्त बहुत ही शांत रहते थे।

हम अक्सर इस कब्रिस्तान बाग में जाया करते थे हम एक दूसरे के हाथ पकड़कर वहां ठहर देते बातें करते थे और हमारी बातें बहुत गहरी  होती थी। यह वह स्थान है जहां पर हम नहीं एक-दूसरे को अच्छी तरह से जाना और प्रभु के साथ भी ऐसे ही है यदि हां वह लोग बनना चाहते हैं जो प्रभु के साथ पूरा दिन बातें करें और यदि हम मात्र कलीसिया में या कुछ स्थानों पर ही प्रार्थना करेंगे तो हम कुछ खो रहे हैं।  परंतु यदि हम एक काम करें जिसे कहते हैं जहां भी जाओ वहां प्रार्थना करो तो भी हम कुछ खो देंगे। वह समय हम खो सकते हैं जहां पर हम प्रभु के साथ गहरे जा सकते हैं जहां हमारा पूरा ध्यान उसके ऊपर होता है।

सैमी:हां यह बहुत ही सुंदर बात है जब हम परमेश्वर के विषय में सोचते हैं ब्रह्मांड के परमेश्वर के विषय में जिसने सब कुछ बनाया है जो हर वक़्त हमारे साथ है वह सब बातों को जानता है वह सर्वशक्तिमान है।

डेव:यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है।  ।

सैमी: मेरा अर्थ है आप जहां पर हैं,  मैं अपनी कार चला रहा हूं, मैं जहाज पर उड़ रहा हूं।  जहां पर भी मैं हूं परमेश्वर वहां पर है।  ऐसा कोई स्थान नहीं जहां पर वह  नहीं होता है और मैं उसके साथ किसी भी जगह पर किसी भी समय बात कर सकता हूं।  मुझे किसी धार्मिक स्थिति में आने की आवश्यकता नहीं है।  मैं आपके साथ ईमानदार होना चाहता हूं मेरे बहुत से प्रार्थना के महान समय तब  थे,  जब मैं जहाज में था । जब मैंने छोटा सा कंबल अपने ऊपर ओढ़ लिया और मैं प्रभु के साथ जाकर मिला।

डेव: हाँ

सैमी: परमेश्वर मुझे उस स्थान पर मिला जहां पर मैं गया।

डेव: आप स्वर्ग के पास थे।

सैमी: बिल्कुल सही बात है परंतु यह वह स्थान थे। एक और बात जब मैं स्थान की बात करता हूं।  मेरी पत्नी भीतर  रहने वाली औरत है।  उसके पास एक बड़ी कुर्सी है जो हमारे लिविंग रूम में है । वह वहां जाना पसंद करती है और वह अपनी बाइबल को लेती है बाइबल को खोलती है और बाइबल को पड़ती है।  परमेश्वर उसके साथ बात करते हैं,  वह परमेश्वर से बात करती है। परंतु मुझे बाहर जाना पसंद है। हमारे घर के सामने एक पार्क है वहां पर झील  है,  वहां जीवन है मुझे बाहर जाना है वातावरण को देखना बहुत पसंद है।  वहां पर जाकर परमेश्वर से बात करना मुझे बहुत अच्छा लगता है।  इसलिए आप जहां कहीं भी महसूस करें,  आप परमेश्वर के साथ जुड़ सकते हैं।  अपना ध्यान उसके ऊपर लगा सकते हैं।

डेव: क्योंकि हम भिन्न भिन्न  लोग हैं।

सैमी: हां यह सही बात है।

डेव: जो आपके लिए काम करता है शायद मैं मेरे लिए काम ना करें परंतु मैं भी आपके जैसा व्यक्ति हूं मुझे टहलना अच्छा लगता है मुझे पैदल चलकर प्रार्थना करने बहुत अच्छी लगती है।  कई बार जब मैं बाहर जा नहीं पाता हूं जब मौसम खराब होता है तो मैं अपने घर में टहल कर प्रार्थना करता हूं। इसे मेरी सहायता होती है कि मैं ध्यान लगा सकूं और इसके साथ में सावधान रहता हूं और मैं परमेश्वर को और अच्छी तरह से सुन पाता हूं।

मैं विश्वास करता हूं कि हम में से  बहुत सारे लोग हैं जो प्रार्थना के इस तरीके को ढूंढ लेंगे।  और सबसे अच्छी रीती से प्रार्थना करेंगे। एक दूसरे को देखते हुए नहीं,  कि वह क्या करते हैं और वह कैसे चलते हैं । मुझे सजाना वैसली याद आती है जो के जॉन और चार्ल्स वेस्ली  की मां थी। वह कई वर्ष पहले थी,  और उसके बहुत सारे बच्चे थे।  उसके लिए प्रार्थना करना बहुत कठिन था परंतु आपको पता है उसके एक दर्जन बच्चे थे।

सैमी: हां मैं जानता हूं, एक के साथ क्या होता है।

डेव: उसने अपने बच्चों को सिखाया के वह प्रतिदिन 1 घंटे का आदर करें जो वह लेती थी।  और वह अपनी रसोई में मेज पर बैठ जाती थी और अपने रुमाल को लेती थी और अपने सिर  के ऊपर डाल लेती  और एक घंटा प्रभु के साथ प्रतिदिन व्यतीत करती थी।

सैमी: इसके परिणाम स्वरुप एक आदमी था जिसने पूरे संसार को प्रभु यीशु के लिए प्रभावित किया।

डेव

: यह बिल्कुल सही बात है।

सैमी: इसलिए आप एक औरत हो सकते हैं या एक आदमी हो सकते हैं,  जो संसार को प्रभावित कर सकते हैं। एक स्थान  ढूंढे,  परमेश्वर के साथ अकेले जाएं,  उसके साथ बात करें और वह आपसे बात करें।

मरकुस  5 :5-8

5वह लगातार रात-दिन कब्रों और पहाड़ो में चिल्लाता, और अपने को पत्थरों से घायल करता था।

6वह यीशु को दूर ही से देखकर दौड़ा, और उसे प्रणाम किया।

7और ऊंचे शब्द से चिल्लाकर कहा; हे यीशु, पर मप्रधान परमेश्वर के पुत्र, मुझे तुझ से क्या काम? मैं तुझे परमेश्वर की शपथ देता हूं, कि मुझे पीड़ा न दे।

8क्योंकि उस ने उस से कहा था, हे अशुद्ध आत्मा, इस मनुष्य में से निकल आ।

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

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