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प्रचार की विधि : योजनात्मक प्रार्थना
दूसरे सप्ताह के अध्ययन बेदारी और सुसमाचार प्रचार के 6 वें दिन में आपका स्वागत है |
आज मैं धैर्य वाली प्रार्थना के बारे में बात करना चाहता हूं | अक्सर हम बेदारी और सुसमाचार प्रचार के लिए प्रार्थना शुरु करते हैं | जबकि हम एक जल्दबाज दुनिया में रहते हैं इसलिए हम चाहते हैं कि बेदारी तुरंत आ जाए | आप सब जानते हैं कि जब हमने पहले दिन से शुरु किया और आज 21 दिन हो चुके हैं और हम बिदारी चाहते हैं लेकिन 21 दिन पूरे हो चुके हैं | यह इस प्रकार कार्य नहीं करता |
आपको प्रार्थना के लिए स्वयं को सोचना पड़ेगा ……….. धैर्य पूर्ण प्रार्थना करें और हार ना माने यीशु ने एक दृष्टांत सुनाया जो कि एक विधवा स्त्री के बारे में है जिसने एक अधर्मी न्याई के सामने अपना धैर्य प्रमाणित किया | और अपने धैर्य के कारण उसने वह सबकुछ प्राप्त किया जो वह करना चाहती थी और फिर यीशु ने सिखाया कि हमें भी इसी रीति से प्रार्थना करनी चाहिए आपको धैर्यपूर्ण प्रार्थना करने की आवश्यकता है | यह अत्यंत रोचक है क्योंकि यीशु परमेश्वर की तुलना अधर्मी न्याय के साथ नहीं कर रहे थे |
हम शायद वैसे हो …….. एक छोटी सी स्त्री के समान ……
लेकिन परमेश्वर तो धर्मी है और वह अपने लोगों की चिंता करता है लेकिन उस अधर्मी व्यक्ति में तो इन दोनों बातों में से एक भी नहीं थी | लेकिन प्रार्थना तो परमेश्वर के साथ नजदीकी रिश्ता है हम लगातार धैर्यपूर्ण प्रार्थना कैसे करें?
सबसे पहली बात यह हमें परिवर्तित कर देती है | आप देखें हम परमेश्वर के सिहासन के समक्ष बार-बार किसी दूसरे व्यक्ति को बदलने के लिए नहीं जाते हैं | समरण रखें परमेश्वर हमारे जीवन के लिए क्या कार्य करता है? यह सब को परिवर्तित करना है | मैं आपको इसे समझने के लिए एक उदाहरण देता हूं मैं अपनी मां के बारे में आपको बता चुका हूं कि मैंने उनके लिए 25 वर्ष तक प्रार्थना की, मेरी मां मेरे साथ बात नहीं करती थी और ना वह मेरी बात सुनना चाहती थी | लेकिन जब मैं एकांत में प्रार्थना करता था तब मुझे अपनी मां के लिए बहुत ज्यादा बोझ महसूस होता और मैं लगातार धैर्यपूर्ण प्रार्थना करता रहता | लगभग 10 वर्ष तक मैं प्रार्थना करता रहा और मुझे कोई आशा नजर नहीं आ रही थी | प्रभु ने मेरे साथ बात की और उसने मुझसे कहा कि पुत्र समस्या आपकी मां नहीं है समस्या आप स्वयं हैं !
मैंने कहा प्रभु आप क्या कहना चाहते हैं?
प्रभु ने मेरे हृदय से बात की और कहा …………. मेरी मां का जीवन बहुत ही कठिन था मेरे पिता बहुत बीमार रहा करते थे जीविका चलाने के लिए मेरी मां को ही कार्य करना पड़ा वह हर रोज सुबह जल्दी काम पर जाती और दोपहर बाद घर लौटती फिर वह हमारी देखभाल किया करती पिताजी के बीमार होने के कारण उन्हें उनका भी ध्यान रखना पड़ता था |
उनका जीवन सचमुच बहुत मुश्किल था पर आपने कभी उससे यह नहीं कहा कि आप का त्याग कितना महान है और उस समय मैं प्रार्थना में पसीज गया | मैंने अपनी मां को फोन किया और कहा, “ मां मैं आपसे क्षमा चाहता हूं, मैं एक कृतघन पुत्र बना रहा, लेकिन वह शांत थी …… और मैं नहीं जानता था कि वह क्या कहना चाहती है | और फिर उसने कहा “शमी तुम नहीं जानते कि आपकी यह बात मेरे लिए कितनी महत्वपूर्ण थी ,और उसके पश्चात मेरी मां ने मेरे साथ बात करना शुरू किया ……… मेरे साथ खुलकर बात करने में उन्हें थोड़ा समय लगा फिर मैंने मसीह के बारे में उन्हें बताया मैं प्रभु से मेरी मां के लिए प्रार्थना कर रहा था और प्रभु ने मेरी मां के बारे में मुझे कुछ प्रकट किया | इस प्रकार प्रार्थना में धैर्य का अर्थ यह नहीं कि जिस व्यक्ति के लिए आप प्रार्थना कर रहे हैं वह बदल जाएगा | लेकिन जब आप प्रार्थना करते हैं और परमेश्वर की उपस्थिति में आते हैं तो परमेश्वर आपको बदलेगा उसने मुझे बदल दिया था |
इसलिए प्रार्थना करें विश्वास करें और हार ना माने |
अब मैं आपको उत्साहित करना चाहता हूं मैंने कल आप की गवाही के बारे में आपसे बात की थी मैं चाहता हूं कि आप कुछ और लिखें मैं चाहता हूं कि आप एक चक्कर बनाए और इस चक्कर में अपने आप को रखें और आप उस चक्कर में रहें और फिर मैं चाहता हूं कि आप एक और चक्कर बनाओ और अपने पूरे परिवार को उस में रखें अपने परिवार के सभी सदस्यों के नाम इस चक्कर में लिखने और अब मैं चाहता हूं कि आप एक और चक्कर बनाओ यह आपके मित्र हैं आप उन लोगों के नाम लिखे जो आपके नजदीकी हैं फिर एक और बड़ा चक्कर बनाएं उसमें अपने पहचान के लोगों की सूची बनाएं अब इन सभी चक्करों में से उन लोगों की सूची बनाएं जिन्हें मसीह की आवश्यकता है और मैं चाहता हूं कि आप उनके लिए प्रार्थना करना शुरु करें हिम्मत ना हारे हर रोज उन लोगों के लिए प्रार्थना करो जिन्हें यीशु की आवश्यकता है और प्रार्थना में धैर्य रखें……. भले ही कितना भी समय लग जाए यदि इस पर 5 दिन 5 घंटे 5 साल या फिर 25 साल क्यों न लग जाए और तब तक प्रार्थना करते रहेंगे जब तक परमेश्वर आपकी प्रार्थना का उत्तर नहीं दे देता | परमेश्वर यह करेगा और एक बात मेरी दादी ने मेरे पिता के लिए प्रार्थना की थी मेरी दादी मर गई लेकिन अपनी प्रार्थना का उत्तर नहीं देख सकी |
लेकिन परमेश्वर ने उनकी प्रार्थनाओं का उत्तर दिया असल में मेरी दादी की मृत्यु के 25 वर्ष बाद परमेश्वर ने मेरे पिताजी को बचा लिया इसलिए धैर्य न छोड़ें ह्रदय छोटा ना करें और प्रार्थना करते रहें प्रार्थना करते हुए कभी धैर्य न छोड़ें और परमेश्वर आपकी प्रार्थनाओं का उत्तर जरूर देगा
लूक्स 18: 1-8
1येशु ने शिष्यों को यह बतलाने के लिए कि उन्हें सदा प्रार्थना करना चाहिए, और निराश नहीं होना चाहिए, एक दृष्टान्त सुनाया। 2येशु ने कहा, “किसी नगर में एक न्यायाधीश था, जो न तो परमेश्वर से डरता और न किसी मनुष्य की परवाह करता था। 3उसी नगर में एक विधवा थी। वह उसके पास आ कर कहा करती थी, ‘मेरे मुद्दई के विरुद्ध मुझे न्याय दिलाइए।’ 4बहुत समय तक वह अस्वीकार करता रहा। बाद में उसने मन-ही-मन यह कहा, ‘मैं न तो परमेश्वर से डरता और न किसी मनुष्य की परवाह करता हूँ, 5किन्तु यह विधवा मुझे तंग करती है; इसलिए मैं इसके लिए न्याय की व्यवस्था करूँगा, जिससे वह बार-बार आ कर मेरी नाक में दम न करती रहे।’ ”
6प्रभु ने कहा, “सुनो, इस अधर्मी न्यायाधीश ने क्या कहा? 7तो क्या परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के लिए न्याय की व्यवस्था नहीं करेगा, जो दिन-रात उसकी दुहाई देते रहते हैं? क्या वह उनके विषय में देर करेगा? 8मैं तुम से कहता हूँ, वह शीघ्र ही उनके लिए न्याय करेगा। परन्तु जब मानव-पुत्र आएगा, तब क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?”
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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