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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

शिष्यता का दैनिक वीडियो

प्रार्थना का सौभाग्य

वो सुबह का समय था, मै गहरी नींद मे था. अचानक, फोन की घंटी बजने के कारण मेरी नींद खुल गई. मै अपने घर से हजारों मील और एक महासागर की दूरी पर था. मै जिस हॉटेल मे रुका था वहाँ का फोन नंबर किसी के पास नही था. मैंने सोचा, “सुबह के इस समय मुझे कौन फोन कर रहा होगा?”

फोन पर दूसरी तरफ से आवाज़ आया, ‘गुड मॉर्निंग सैमी, मै प्राय-मिनिस्टर बोल रहा हूँ.”

विश्वास कीजिए. मुझे पूरी तरह से जागने के लिए ज्यादा समय नही लगा. मैंने जवाब दिया, “जी, गुड-मॉर्निंग मिस्टर प्राय-मिनिस्टर.”

उन्होंने कहा, “मै आप से मिलना चाहता हूं, यदि सम्भव हो तो आज सुबह मेरे ऑफिस मे आइए.”

मैंने उसका जवाब देने के लिए ज्यादा समय नही लिया. ना ही कपड़े पहनकर प्राय-मिनिस्टर के ऑफिस मे जाने के लिए देरी की. जब देश का मुखिया आपको अपनी उपस्थिति मे आने के लिए न्योता देता है तो आप खिलवाड नही करते हैं. आप तैयार होकर तुरंत जाते हैं.

फिर भी बहुत से विश्वासी ऐसे नही आते हैं प्राय-मिनिस्टर के प्राय-मिनिस्टर, राष्ट्रपति के राष्ट्रपति, राजाओं के राजा – यीशु मसीह की उपस्थिति में. वो हमें सुबह के समय प्रतिदिन बुलाता है, कपड़े पहन ले और उसके साथ व्यक्तिगत बातचीत करने के लिए तैयार हो जाएं. इस बारे मे सोचिए. परमेश्वर जिसने तारों को उनकी जगह पर लटकाया है, वह परमेश्वर जिसने चाँद को उसकी जगह पर रखा है. जितनी भी चीज़े अस्तित्व मे हैं उन्हें बनानेवाला परमेश्वर, यही परमेश्वर आपके और मेरे साथ व्यक्तिगत मीटिंग करना चाहता है.

उससे मुलाक़ात करने से बढ़कर और बड़ा सौभाग्य नही है. वो ही पूरा शुद्ध है. उसके स्वभाव मे कोई दुष्टता नही है, उसकी क्रिओं मे कोई गलती नही है. उसकी उपस्थिति मे कोई अंधकार नही है. और हमारा जीवन पाप, धोका और असफलता से भरा है. उसने हमें अपने अनुग्रह से उद्धार दिया है. और वो हमे अपने अनुग्रह से भी बचाए रखता है. ये सब अनुग्रह के कारण ही है. हम जो भी हैं वो केवल अनुग्रह के कारण ही है. अपने अनुग्रह के द्वारा वो हमे अपनी उपस्थिति मे बुलाता है. हमें भागकर ऐसे पवित्र परमेश्वर मे छिप जाना चाहिए. लेकिन यीशु के अनुग्रह के द्वारा, हम उस महान प्रतापी की उपस्थिति मे आते है. हमें कितना महान सौभाग्य मिला है.

यीशु ने कहा, “जो मेरे पास आता है, मै उसे कभी नही निकालूँगा” (युहन्ना ६:३७). परमेश्वर का पुत्र हमें अपनी उपस्थिति मे लाता है. हर सुबह स्वर्गीय फोन बजता है, और उस तरफ की आवाज़ कोमलता से कहती है, “सैमी, मै राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु हूँ. मै तुम से मिलना चाहता हूँ. क्या तुम मेरी उपस्थित मे आओगे?”

वो बुलाता है. हमें कितना आदर और कितना सौभाग्य दिया गया है. हमें हर सुबह उस फोन के लिए जोश के साथ उठाना होगा, हमें कपड़े पहनने होंगे, खुद को तैयार कर तुरंत उसकी उपस्थिति मे जाना होगा. वो राह देख रहा है.

योहन ६:३२-४४

32येशु ने उत्तर दिया, “मैं तुम से सच-सच कहता हूँ : मूसा ने तुम्‍हें स्‍वर्ग से रोटी नहीं दी थी। मेरा पिता तुम्‍हें स्‍वर्ग से सच्‍ची रोटी दे रहा है। 33परमेश्‍वर की रोटी तो वह है, जो स्‍वर्ग से उतर कर संसार को जीवन प्रदान करती है।”

34लोगों ने येशु से कहा, “प्रभु! आप हमें सदा वही रोटी दिया करें।” 35उन्‍होंने उत्तर दिया, “जीवन की रोटी मैं हूँ। जो मेरे पास आता है, उसे कभी भूख नहीं लगेगी और जो मुझ में विश्‍वास करता है, उसे कभी प्‍यास नहीं लगेगी। 36फिर भी, जैसा कि मैंने तुम से कहा, तुम मुझे देख कर भी विश्‍वास नहीं करते। 37पिता जिन्‍हें मुझ को सौंप देता है, वे सब मेरे पास आएँगे और जो मेरे पास आता है, मैं उसे कभी बाहर नहीं निकालूँगा; 38क्‍योंकि मैं अपनी इच्‍छा नहीं, बल्‍कि जिसने मुझे भेजा, उसकी इच्‍छा पूरी करने के लिए स्‍वर्ग से उतरा हूँ। 39जिसने मुझे भेजा, उसकी इच्‍छा यह है कि जिन्‍हें उसने मुझे सौंपा है, मैं उन में से एक को भी नष्‍ट न होने दूँ, बल्‍कि उन सब को अन्‍तिम दिन पुनर्जीवित कर दूँ। 40मेरे पिता की इच्‍छा यह है कि जो पुत्र को देखे और उस में विश्‍वास करे, उसे शाश्‍वत जीवन प्राप्‍त हो। मैं उसे अन्‍तिम दिन पुनर्जीवित कर दूँगा।”

41येशु ने कहा था, “स्‍वर्ग से उतरी हुई रोटी मैं हूँ।” इस पर यहूदी लोग यह कहते हुए भुनभुनाने लगे, 42“क्‍या यह यूसुफ का पुत्र येशु नहीं है? हम इसके माँ-बाप को जानते हैं। तो अब यह कैसे कह सकता है, ‘मैं स्‍वर्ग से उतरा हूँ’?” 43येशु ने उन्‍हें उत्तर दिया, “आपस में मत भुनभुनाओ। 44जब तक पिता, जिसने मुझे भेजा है, आकर्षित न करे, कोई मेरे पास नहीं आ सकता है; और मैं उसे अंतिम दिन पुनर्जीवित कर दूँगा।

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

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