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एक विजयी के समान दोड़ना

दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।

शिष्यता का दैनिक वीडियो

विरासत छोड़ना

मैं ने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भाग कर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण हैं। (भजन संहिता 119:111)

प्रार्थना आपको एक अनन्त विरासत प्रदान करती है। यह न केवल आपको एक विरासत छोड़ने में सक्षम बनाती है, बल्कि प्रार्थना स्वंय वह विरासत बन जाती है जिसे आप छोड़ते हैं। मेरी दादी के प्रार्थना जीवन के बारे में जानने के बाद ही मुझे पता चला कि उसने उस पोते के जीवन पर क्या प्रभाव छोड़ा जिसे उसने कभी नहीं देखा । हालाँकि, मैंने यह भी महसूस किया उसका प्रार्थना के जीवन का उदाहरण है उसके  द्वारा मेरे लिए छोड़ी गई विरासत है । उसकी विरासत ने भविष्य की तीन पीढ़ियों, उसके पुत्र, पोते और पड़पोते को स्पर्श करने की यात्रा की  । प्रार्थना ने एलिजा बास टिपट को एक ऐसी विरासत छोड़ने में सक्षम बनाया जिसकी उसने कभी कल्पना भी ना की होगी । उसने अपने परदादा और परदादी से विरासत पाई और फिर इसे आने वाली पीढ़ियों को दे दिया, जिन्हें वह कभी नहीं देखेगी ।

मुझे नहीं लगता कि एलिज़ा बॉस टिपट के परदादा और परदादी ने उस बढ़ोतरी की कल्पना नहीं की होगी जिसे उन्होंने आचार्य जोसेफ़ विलिस के साथ मिसीसिपी नदी के किनारे प्रोटेस्टेंट कलीसियाएं शुरू करने के निर्णय के साथ की थी । उन्होंने तो कभी जाना भी नहीं होगा कि उनका परपोता उन स्थानों पर अग्रणी सुसमाचार प्रचारक होगा जोकि अत्यंत कठिन हैं । मुझे शक है कि उन्हें पता होगा कि उनकी विरासत के कारण मेरी सेवकाई द्वारा दुनिया के हजारों लोग प्रभु यीशु के पास आयेंगे |

हम में से प्रत्येक का एक इतिहास है – एक ऐसी कहानी जो हमारे प्रतिदिन के निर्णयों द्वारा परमेश्वर के प्रावधान से  जुड़ती है । ये इतिहास एक व्यक्तिगत विरासत बनाता है जिसे हम हमारे बच्चों और नाती पोतों के लिए छोड़ देते हैं । हमारे परिवारों की विरासत हमारे राष्ट्र के लिए इतिहास बन जाती है।

हम जो कल से प्राप्त करके आज करते हैं वह आने वाले कल की विरासत बन जाता है। अच्छी यां बुरी, हम अपने बच्चों और पोते-पोतियों के लिए एक विरासत छोड़ते हैं। हमारी विरासत के सत्य को बदला नहीं जा सकता। जिस तरह की विरासत हम छोड़ने जा रहे हैं, उसका निर्धारण होना बाकी है।

प्रत्येक विश्वासी को भविष्य की पीढ़ियों के लिए अनंत विरासत छोड़ने के लिए इच्छा रखनी चाहिए। हमें जीवन को उन आँखों से देखना चाहिए जो चीजें एकत्रित करने से बढकर देखती हों । हमें अपनी आँखों में अनंत काल देखकर, स्वर्ग को अपना घर मानकर, और हमारे हृदयों में भविष्य की पीढ़ियों को रखकर जीवन बिताना चाहिए ।

हम अतीत को गले लगाकर, बुद्धिमानी से आज निर्णय लेकर, और प्रार्थना के द्वारा भविष्य के लिए परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए, एक शाश्वत विरासत छोड़ते हैं ।

विरासत वह है जिसे हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए छोड़ा है, और धरोहर वह है जिसे हमने उनसे प्राप्त की है । विरासत कपड़ों का वह सूट है जो भगवान ने हमें तब दिया था जब हम पैदा हुए थे। वह एक समान दो सूट कभी नहीं बनाता । हमारे व्यक्तित्व हमारी विरासत का एक बड़ा हिस्सा हैं। व्यक्तित्व ना सकारात्मक है और न ही नकारात्मक। वास्तव में मायने ये रखता है कि हम उस व्यक्तित्व के साथ क्या करते हैं ।हम इसका उपयोग कैसे करते हैं यह वास्तव में मायने रखता है। हालांकि, जब हम परमेश्वर द्वारा रचाए गये समझने लग जाते हैं तो हम उस मार्ग पर निकल पड़ते हैं जिसमें हम वही काम करते हैं जो वह हमसे चाहता है कि हम करें ।

हमारे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियां तब प्राप्त होंगी जब हम उन वस्त्रों को स्वीकार करेंगे और उनके अनुसार कार्य करेंगे जो परमेश्वर ने हमें दिए हैं ।अपनी धरोहर को गले लगाने से आप वह आपके लिए उस दौड़ का शुरूआती बिंदु बन जाता है जिसे दौड़ने के लिए परमेश्वर ने आपको चुना है । आपकी शक्तियाँ और कमजोरियां हैं । जब आप उन शक्तियों और कमजोरियों की पहचान करना सीख जाते हैं,आपके पास बड़ी सफलता में चलने की क्षमता है। फिर आप एक विरासत छोड़ सकते हैं जो आपके नाती पोतों को प्रभावित करेगी । भविष्य की पीढ़ियों में परमेश्वर की महिमा होने के लिए अपनी दौड़ दौड़ें ।

व्यवस्थाविवरण 34:5 – 12.

5 तब यहोवा के कहने के अनुसार उसका दास मूसा वहीं मोआब देश में मर गया, 6 और उसने उसे मोआब के देश में बेतपोर के साम्हने एक तराई में मिट्टी दी; और आज के दिन तक कोई नहीं जानता कि उसकी कब्र कहां है। 7 मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आंखें धुंधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था। 8 और इस्राएली मोआब के अराबा में मूसा के लिये तीस दिन तक रोते रहे; तब मूसा के लिये रोने और विलाप करने के दिन पूरे हुए। 9 और नून का पुत्र यहोशू बुद्धिमानी की आत्मा से परिपूर्ण था, क्योंकि मूसा ने अपने हाथ उस पर रखे थे; और इस्राएली उस आज्ञा के अनुसार जो यहोवा ने मूसा को दी थी उसकी मानते रहे। 10 और मूसा के तुल्य इस्राएल में ऐसा कोई नबी नहीं उठा, जिस से यहोवा ने आम्हने-साम्हने बातें कीं, 11 और उसको यहोवा ने फिरौन और उसके सब कर्मचारियों के साम्हने, और उसके सारे देश में, सब चिन्ह और चमत्कार करने को भेजा था, 12 और उसने सारे इस्राएलियों की दृष्टि में बलवन्त हाथ और बड़े भय के काम कर दिखाए॥

Book of the Month

Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe.  For all other books…

सेमी टिपित सेवकाई के विषय में

एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित  इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते  है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित  से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।

सम्पर्क करें: info@sammytippit.org

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