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संसार तक पहुँच कर परमेश्वर से संबंध बनाना
कभी-कभी मुझे बेदारी और सुसमाचारवाद के समय के बारे में पूछा जाता है। क्या बेदारी हमारे जीवन में होती है – और हम मसीह के लिए प्रभावी गवाह बन जाते हैं? या हम सबसे पहले मसीह में अपना विश्वास साझा करना शुरू करते हैं, और इसके परिणामस्वरूप हमारे जीवन में बेदारी आती है? उत्तर है नहीं, लेकिन हां। मुझे समझाने दो।
अक्सर हमारे विश्वास का नवीनीकरण तब शुरू होता है जब हम समझते हैं कि हम परमेश्वर के साथ चलने मेंबेपरवाह हो गए हैं या हमें इस बात का अहसास हो गया है कि हमें जिस तरह से जीना चाहिए उस तरह से नहीं जी रहें हैं । यह बेदारी की ओर पहला कदम है। जब तक हम अपने पापों के प्रति ईमानदार और उनसे पश्चाताप नहीं करेंगे, हम कभी भी दूसरों के साथ अपने विश्वास को साझा नहीं कर पाएंगे। परमेश्वर एक पवित्र परमेश्वर है, और हम उसके साथ हमारे संबंधों में कभी भी अंतरंग नहीं कर सकते हैं जब तक हमारे जीवन की चीजें उसे नाराज करती हैं।
भजन संहिता 51 में, दाऊद ने अपने पापों को स्वीकार किया। परमेश्वर के साथ पूरी तरह से ईमानदार हो जाने के बाद, उसने परमेश्वर के साथ चलने के लिए उसको साफ़ और नवीनीकरण करने के लिए कहा। सिर्फ उसी क्षण दाऊद कहता है, “तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।” (v.13)। दाऊद को पहले एक व्यक्तिगत बेदारी का अनुभव करने की आवश्यकता थी। तब वह परमेश्वर के प्रेम की खुशखबरी के साथ दूसरों तक पहुँचने में सक्षम होगा। उसने समझा कि जब तक वह परमेश्वर के साथ उसकी संगति में सही नहीं होगा तब तक वह बाहर पहुंचने में प्रभावी नहीं हो सकता। दाऊद की तरह, हमें पहले अपने पापों को स्वीकार करना चाहिए। तब हम मसीह के संदेश के साथ दूसरों तक पहुँच सकेंगे।
लेकिन हमारे विश्वास को दूसरों के साथ साझा करने की अनिच्छा हमारे पाप का दूसरा भाग हो सकती है। हमें यह भी समझना चाहिए कि हम अपनी “पवित्र भीड़” में नहीं रह सकते हैं और परमेश्वर से बेदारी की अपेक्षा करते हैं। एक निश्चित सीमा तक, बेदारी उसके पुत्र, यीशु के आदेश के लिए हमारी आज्ञाकारिता पर निर्भर करती है। उसने हमें पूरी दुनिया में जाने और पापियों के लिए परमेशवर के प्रेम की खुशखबरी के बारे में बताने के लिए कहा है । अगर हम उसकी आज्ञा का पालन नहीं करते हैं, तो हम उसके साथ कैसे चल सकते हैं? यह असम्भव है। अक्सर हमारे अंदर बेदारी तब शुरू होती है जब हम अपने विश्वास को साझा करना शुरू करते हैं।
बेदारी सबसे अधिक हमारे पापों के टूटने या हमारे चारों ओर दुनिया के पापों के टूट जाने के पंखों पर आती है। इस प्रश्न का कोई उत्तर नहीं है कि नवीनीकरण हमारे जीवनों में कब होता है । दाऊद ने भजन संहिता में भी कहा, “टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता॥”(51:17)। बेदारी तब आती है जब हम परमेश्वर के सामने टूट जाते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमारे ह्रदय हमारे पापों पर या खोई हुई दुनिया के पापों पर टूटे हैं। टूटे ह्रदय परमेश्वर के ह्रदय को छू जाते हैं । वह टूटे हुए हरयों को चंगा और बेदार करता है।
मेरे मूल प्रश्न का उत्तर और/ दोनों है। हमें अपने जीवन में पापों से निपटना चाहिए, और साथ ही, हमें मसीह के संदेश के साथ दुनिया तक पहुंचने की एक भावुक इच्छा होनी चाहिए। दूसरों तक पहुँचना हमारे जीवन में बेदारी का परिणाम है, और यह उस बेदारी का कारण भी है। यदि हम मसीह के साथ एक अंतरंग, विजयी यात्रा करने जा रहे हैं, तो हमें पापियों के प्रति परमेश्वर के प्रेम के अद्भुत संदेश के साथ दूसरों तक पहुंचना चाहिए ।
यूहन्ना 11:32-36
32 जब मरियम वहां पहुंची जहां यीशु था, तो उसे देखते ही उसके पांवों पर गिर के कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता तो मेरा भाई न मरता।33 जब यीशु न उस को और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास हुआ, और घबरा कर कहा, तुम ने उसे कहां रखा है?34 उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, चलकर देख ले।35 यीशु के आंसू बहने लगे। 36 तब यहूदी कहने लगे, देखो, वह उस से कैसी प्रीति रखता था।
Book of the Month
Sammy Tippit told his fiancée, “I can’t promise we’ll be rich, but life won’t be boring.”
Sammy had no idea what an understatement that would become. Beginning in the bars of Baton Rouge and the nightclubs of Chicago, Tippit has shared the news of life-changing faith in Christ all over the world – including in the middle of a revolution in Romania, the aftermath of genocide in Rwanda, and war in Burundi and the Congo.
Sammy’s lifelong adventure has come at a great price. He’s been cursed, threatened, arrested, deported, and blacklisted. He’s also been personally broken, ravaged with illness, and devastated by grief.
Yet he continues to preach to in stadiums, in open fields, and via satellite technology to hundreds of thousands around the globe. For all other books…
सेमी टिपित सेवकाई के विषय में
एसटीएम लगभग 50 वर्षों से दुनिया भर में प्रेरणा और सहायता प्रदान कर रहा है। सैमी टिपित इसके संस्थापक और अध्यक्ष है, वह एक विश्व प्रसिद्ध परामर्शदाता, शिक्षक और सुसमाचार के प्रचारक हैं जो 80 से अधिक देशों में लोगों की सेवा करने और उनकी सहायता करने का अनुभव रखते हैं। सैमी ऐसी सामग्री प्रदान करते है जो लोगों को सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक मुद्दों से निपटने में मदद करती है। वह विशेष रूप से दुनिया भर के अन्य देशों के लिए सामग्री सुलभ बनाने के बारे में भावुक है। सैमी ने डेबरा “टेक्स” टिपित से शादी की है, और उनके दो बच्चे और पांच नाती पोते हैं। सैमी टिपित सेवकाई पंजीकृत 501c3 गैर-लाभकारी संगठन है।
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